Unemployment: सितंबर में 15 साल से अधिक आयु वालों की बेरोजगारी दर बढ़कर 5.2% हुई, सरकार ने जारी किए आंकड़े
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार सितंबर में बेरोजगारी दर मामूली रूप से बढ़कर 5.2 प्रतिशत हुई। सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में यूआर में वृद्धि और शहरी क्षेत्रों में यूआर में मामूली वृद्धि ने समग्र यूआर में इस वृद्धि में योगदान दिया।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए बेरोजगारी दर मामूली रूप से बढ़कर 5.2 प्रतिशत हो गई। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, अगस्त में बेरोजगारी दर (यूआर) 5.1 प्रतिशत, जुलाई में 5.2 प्रतिशत व मई और जून में 5.6 प्रतिशत थी।
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मई 2025 में जारी प्रथम पीएलएफएस बुलेटिन के अनुसार अप्रैल में बेरोजगारी दर (यूआर) 5.1 प्रतिशत थी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों में यूआर पिछले दो महीनों के दौरान गिरावट के बाद अगस्त 2025 में दर्ज 5.1 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर सितंबर 2025 में 5.2 प्रतिशत हो गया।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़े
सर्वेक्षण के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों में ग्रामीण क्षेत्रों में यूआर में वृद्धि (अगस्त 2025 में 4.3 प्रतिशत से सितंबर 2025 में 4.6 प्रतिशत तक) और शहरी क्षेत्रों में यूआर में मामूली वृद्धि (अगस्त 2025 में 6.7 प्रतिशत से सितंबर 2025 में 6.8 प्रतिशत तक) ने समग्र यूआर में इस वृद्धि में योगदान दिया।
ग्रामीण और शहरी महिलाओं के आंकड़ों में हुई वृद्धि
15 वर्ष और उससे अधिक आयु की शहरी महिलाओं में यूआर अगस्त 2025 के दौरान 8.9 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2025 में 9.3 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण महिलाओं के बीच यूआर में इस वृद्धि ने समग्र महिला यूआर को अगस्त 2025 में 5.2 प्रतिशत से बढ़ाकर सितंबर में 5.5 प्रतिशत करने में भी योगदान दिया है।
ग्रामीण और शहरी पुरुषों के आंकड़ों में हुई मामूली वृद्धि
अगस्त के दौरान गिरावट के बाद सितंबर में ग्रामीण (अगस्त 2025 में 4.5 प्रतिशत से सितंबर 2025 में 4.7 प्रतिशत) और शहरी क्षेत्रों (अगस्त 2025 में 5.9 प्रतिशत से सितंबर 2025 में 6 प्रतिशत) में पुरुष यूआर में मामूली वृद्धि देखी गई है।
डब्लूपीआर में महिलाओं के आंकड़ों में हुई वृद्धि
सितंबर में समग्र श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 52.4 प्रतिशत था, जो मई 2025 के बाद से दर्ज किया गया उच्चतम स्तर है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला कार्यबल में वृद्धि के कारण यह वृद्धि हुई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में समग्र WPR लगातार तीसरे महीने बढ़ी है, जो जून में 30.2 प्रतिशत से बढ़कर सितम्बर में 32.3 प्रतिशत हो गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला कार्यबल में पिछले तीन महीनों में वृद्धि हुई है, जो जून में 33.6 प्रतिशत से बढ़कर सितम्बर में 36.3 प्रतिशत हो गई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के बीच समग्र श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) में लगातार तीसरे महीने वृद्धि जारी रही, क्योंकि यह जून में 54.2 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 55.3 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में एलएफपीआर भी लगातार बढ़ रही है, जो जून में 56.1 प्रतिशत से बढ़कर सितम्बर में 57.4 प्रतिशत हो गई।
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए शहरी क्षेत्रों में यह दर अगस्त की तुलना में 50.9 प्रतिशत पर अपरिवर्तित बनी हुई है। सितंबर में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में समग्र एलएफपीआर 34.1 प्रतिशत थी, और यह मई 2025 के बाद से देखा गया उच्चतम स्तर था।
सर्वेक्षण के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में महिला एलएफपीआर में वृद्धि से इसमें योगदान मिला, जो लगातार तीसरे महीने जून में 35.2 प्रतिशत से बढ़कर सितम्बर में 37.9 प्रतिशत हो गया। कुल मिलाकर, महिला एलएफपीआर लगातार तीन महीनों से बढ़ रही है, जो जून में 32 प्रतिशत से बढ़कर सितम्बर में 34.1 प्रतिशत हो गई है।