Banking: 'बीते दशकों में बदली बैंकों की भूमिका', आईबीए अध्यक्ष बोले- बैंकिंग सेवा कैसे हो रही पहले से बेहतर
आईबीए अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में बैंकों की भूमिका में बदलाव आया है। इसमें बैंकों ने माइक्रोफाइनेंस, रेग्युलेटर्स सुधार, क्रेडिट ग्रोथ के साथ प्रमुख भूमिका निभाई है। आगे भी ग्राहक सेवाओं को बढ़ाने, डिजिटल माध्यमों से बैंकिंग सेवाओं को ग्राहकों के लिए सरल बनाने, एमएसएमई क्षेत्र में लेडिंग बढ़ाने पर जोर होगा।
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वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। मंदी और आपूर्ति शृंखला के बीच नए अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दिया जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के अध्यक्ष सी.एस.शेट्टी ने मुंबई में आयोजित बैंकिंग स्ममेलन एफआईबीएसी 2025 में यह बात कही।
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जीएसटी सुधार से बाजार में खपत और ऋण की मांग बढ़ेगी
शेट्टी ने कहा कि तीन वार्षों से वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव आया है, जिसकी वजह से व्यापार और सप्लाई में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने जीएसटी में सुधार की बात कही है और उम्मीद जताई कि इससे बाजार में खपत और ऋण की मांग बढ़ेगी।
बैंकों की भूमिका में आया बदलाव
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में बैंकों की भूमिका में बदलाव आया है। इसमें बैंकों ने माइक्रोफाइनेंस, रेग्युलेटर्स सुधार, क्रेडिट ग्रोथ के साथ प्रमुख भूमिका निभाई है। आगे भी ग्राहक सेवाओं को बढ़ाने, डिजिटल माध्यमों से बैंकिंग सेवाओं को ग्राहकों के लिए सरल बनाने, एमएसएमई क्षेत्र में लेडिंग बढ़ाने पर जोर होगा। एसबीआई अध्यक्ष ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्रों से देश में रोजगार को बढ़ावा मिलता है। बैंक स्टार्टअप्स के लिए भी अपनी ऋण योजना को बढ़ा रहे हैं।
बैंक नई प्रौद्योगिकी अपना रहे
शेट्टी ने कहा बैंक एआई और एमएल सहित नई प्रौद्योगिकी को अपना रहे हैं। इससे बैंकों को ग्राहकों के डेटा एकत्र करने, सुरक्षित बैंकिंग प्रदान करने में सहायता होती है। बैंक लगातार साइबर क्राइम को लेकर सर्तक हैं और लगातार सुरक्षा को लेकर इस पर काम कर रहे हैं।
बैंकिंग सेक्टर मजबूती से आगे बढ़ रहा
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के एमडी एवं पार्टनर रुचिन गोयल ने इस अवसर पर बैंकिंग सेक्टर पर रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। पिछले 15 वर्षों में इसकी ग्रोथ 11.5 प्रतिशत रही है। हमारे सामने कुछ चुनौतियां भी हैं, जिसमें कॉपोरेट्स ऋण में गिरावट रही है। इसकी कई वजह रही हैं। बैंक रिटेल, कॉर्पोरेट्स, एमएसएमई सहित माइक्रोफाइनेंस में ऋण को बढ़ावा दे रहे हैं। वर्तमान समय में एनपीए में गिरावट आई है।
मूल्य स्थिरता व आर्थिक विकास का उद्देश्य
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बोलते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक मूल्य स्थिरता व आर्थिक विकास के उद्देश्य से मौद्रिक नीति का संचालन जारी रखेगा।