सरकार की सख्ती का असर, इन दो मापदंडों की वजह से कॉल ड्रॉप की शिकायतों में आई कमी
ट्राई के पास 2017 में कॉल ड्रॉप की 490, 2018 में 1109, 2019 में 490 और 2020 में 31 अगस्त तक 390 शिकायतें मिली हैं। ट्राई की तरफ से जारी विभिन्न सेवा गुणवत्ता विनियमों में, कॉल ड्रॉप सहित सेवा गुणवत्ता के विभिन्न मानकों के बेंचमार्क का पालन न करने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है...
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केंद्र सरकार ने कॉल ड्रॉप की समस्या को लेकर दूरसंचार कंपनियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसका नतीजा भी सामने आने लगा है। कॉल ड्रॉप की शिकायतों में कमी आ रही है। दूरसंचार विभाग को केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) के माध्यम से कॉल ड्रॉप/अपर्याप्त नेटवर्क के बारे में वर्ष 2017 के दौरान 4534 शिकायतें मिली थीं। 2018 में 1678, 2019 में 1162 और 2020 में 15 सितंबर तक 162 शिकायतें आई हैं।
इसी तरह भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के पास 2017 में कॉल ड्रॉप की 490, 2018 में 1109, 2019 में 490 और 2020 में 31 अगस्त तक 390 शिकायतें मिली हैं। ट्राई द्वारा जारी विभिन्न सेवा गुणवत्ता विनियमों में, कॉल ड्रॉप सहित सेवा गुणवत्ता के विभिन्न मानकों के बेंचमार्क का पालन न करने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
लोकसभा सदस्य हरीश द्विवेदी के पूछे गए सवाल के जवाब में संचार, शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय धौत्रे ने बताया कि ट्राई कई तरह से कॉल ड्रॉप पर के मामलों पर निगरानी रखता है। निष्पादन निगरानी रिपोर्ट (पीएमआर) के माध्यम से ट्राई द्वारा समय-समय पर सेवा गुणवत्ता विनियमों को परखा जाता है।
पूरे लाइसेंस सेवा क्षेत्र के निष्पादन का आकलन तिमाही आधार पर किया जाता है। जो भी दूरसंचार कंपनी कॉल ड्रॉप सहित सेवा गुणवत्ता के विभिन्न मानकों के बेंचमार्क का पालन नहीं करती हैं उन पर आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान किया गया है। ट्राई ने एक अक्तूबर 2017 से प्रभावी 'बेसिक (वायरलाइन) और सेलुलर मोबाइल टेलीफोन सेवा (पांचवां संशोधन) के लिए सेवा गुणवत्ता मानक विनियम 2017 जारी किए हैं।
इनमें मोबाइल नेटवर्क में कॉल ड्रॉप का आकलन करने के लिए दो संशोधित मानदंड निर्धारित किए हैं। पहला, कॉल ड्रॉप दर (डीसीआर) स्थानिक वितरण माप, जिसके तहत नेटवर्क में कम से कम 90 फीसदी सेल, 90 दिनों में निर्दिष्ट दो फीसदी बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करें।
दूसरा, डीसीआर टेम्पोरल डिस्ट्रीब्यूशन मैप, यह विश्वास दिलाएगा कि कम से कम 90 फीसदी दिनों में, नेटवर्क सेल के कम से कम 97 फीसदी के लिए निर्दिष्ट 3 फीसदी बेंचमार्क से बेहतर निष्पादन किया है। ट्राई ने एक अक्तूबर 2017 से प्रभावी डीसीआर मापदंडों के लिए लगातार दोहराए गए उल्लंघन के मामले में उस सीमा, जहां तक टीएसपी ने विनिर्दिष्ट डीसीआर बेंचमार्क का उल्लंघन किया है, के आधार पर एक संशोधित ग्रेडेड फाइनेंशियल डिसइंसेंटिव्स (एफडी) संरचना शुरू की है।
ट्राई को विभिन्न राज्यों से मिली कॉल ड्रॉप की इतनी शिकायतें