{"_id":"68e5a40d1bcfc90b13049465","slug":"the-game-of-fake-pan-and-benami-transactions-will-no-longer-work-income-tax-department-news-in-hindi-2025-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Income Tax Department: अब नहीं चलेगा फर्जी पैन और बेनामी सौदों का खेल, आयकर विभाग खंगालेगा रजिस्ट्री रिकॉर्ड","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Income Tax Department: अब नहीं चलेगा फर्जी पैन और बेनामी सौदों का खेल, आयकर विभाग खंगालेगा रजिस्ट्री रिकॉर्ड
Wed, 08 Oct 2025 05:06 AM IST
शुभम कुमार
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 08 Oct 2025 05:06 AM IST
सार
आयकर विभाग 30 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति लेनदेन पर नजर रखने के लिए रजिस्ट्री कार्यालयों के रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी में है। गलत पैन, फर्जी नाम और रिपोर्टिंग में गड़बड़ी से बचते रहे हजारों सौदों का खुलासा हो सकता है। सरकार बेहिसाब संपत्ति और काले धन पर सख्ती के मूड में है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Google Gemini
विस्तार
बेहिसाब संपत्ति व बेनामी लेनदेन पर रोक लगेगी। आयकर विभाग संपत्ति रजिस्ट्रार के रिकॉर्ड की जांच करने की योजना बना रहा है। हजारों संपत्ति सौदे आयकर अधिकारियों की नजरों से ओझल होने की आशंका है।
विज्ञापन
रिपोर्टिंग में जानबूझकर की गई चूक और संपत्ति के दस्तावेजों में खरीदारों-विक्रेताओं के फर्जी या भ्रामक पैन के कारण कई लेन-देन विभाग की नजर से ऐसे सौदे बच रहे हैं। संपत्ति रजिस्ट्रार को 30 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की संपत्तियों की खरीद और बिक्री का विवरण देना अनिवार्य है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें:- राहत का सिलसिला जारी: बजट में बदलेगी सस्ते घरों की परिभाषा, 45 लाख की लिमिट या साइज बढ़ाने की तैयारी जारी
विज्ञापन
ऐसे मामले भी हैं जिनमें शामिल पक्ष रजिस्ट्रार कार्यालयों के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके यह सुनिश्चित करते हैं कि सौदे की रिपोर्ट न की जाए या गलत पैन या नाम दर्ज कर दिए जाएं। इससे उनका पता लगाना मुश्किल हो जाएगा। उच्च मूल्य वाले रियल एस्टेट लेनदेन का उपयोग लंबे समय से काले धन को जमा करने के एक माध्यम के रूप में किया जाता रहा है। इसे अक्सर फर्जी संस्थाओं के माध्यम से छुपाया जाता है।
ये भी पढ़ें:- रिपोर्ट: नवरात्र में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 35 फीसदी बढ़कर 2.17 लाख के पार, GST दर कटौती का भी दिखा असर
इस प्रणाली को मजबूत करने के लिए संपत्ति पंजीकरण से पहले सभी पक्षों के लिए पैन और आधार का अनिवार्य ई-सत्यापन एक महत्वपूर्ण सुधार है। यह कदम नकली या गलत पैन या आधार विवरणों के उपयोग को समाप्त करने और यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है कि संपत्ति के रिकॉर्ड वास्तविक स्वामित्व को दर्शाते हैं। इस साल की शुरुआत में आयकर विभाग ने बिना जमीन के 50 लाख रुपये या उससे ज्यादा की कृषि आय दिखाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं पर नजर रखने के लिए राष्ट्रव्यापी जांच की।