बुनियादी ढांचा: नौ प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दर में आई गिरावट, अगस्त में 4.8 फीसदी पर पहुंचा आंकड़ा
अगस्त में भारत के नौ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर धीमी होकर 4.8 फीसदी रह गई। कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चे तेल और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट इसका मुख्य कारण रही। जानें सरकार के ताजा आंकड़े।
विस्तार
भारत के नौ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि अगस्त महीने में धीमी हो गई है। यह पिछले साल के मुकाबले काफी कम दर्ज की गई है। सरकार द्वारा सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
अगस्त में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर 4.8 फीसदी रही। पिछले साल इसी महीने यह 6.2 फीसदी थी। जुलाई में यह वृद्धि 5 फीसदी दर्ज की गई थी। कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चे तेल और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट के कारण यह सुस्ती आई है। इन प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन देश की समग्र आर्थिक वृद्धि को प्रभावित करता है। अप्रैल से अगस्त की अवधि के दौरान वृद्धि की गति 4.3 फीसदी अधिक रही। यह 2025-26 की इसी अवधि में 2.4 फीसदी थी। यह लंबी अवधि में कुछ बेहतर प्रदर्शन दिखाता है।
किन क्षेत्रों में आई गिरावट?
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के उत्पादन में कमी देखी गई। कोयला उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल का उत्पादन भी कम हुआ है। इसके साथ ही, उर्वरक क्षेत्र के उत्पादन में भी कमी आई है। इन क्षेत्रों की धीमी वृद्धि ने कुल बुनियादी ढांचा प्रदर्शन को प्रभावित किया है।
क्या है इस गिरावट का प्रभाव?
बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि में कमी का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यह औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) को भी प्रभावित कर सकता है। ऊर्जा और कृषि से जुड़े इन क्षेत्रों का कमजोर प्रदर्शन चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाने होंगे। इससे भविष्य में आर्थिक वृद्धि को गति मिल सकेगी।