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GST: 18 हजार फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कर की गई 25000 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी, कर अधिकारियों का खुलासा
Tue, 05 Nov 2024 05:16 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 05 Nov 2024 05:16 PM IST
सार
कर अधिकारियों ने बताया है कि फर्जी पंजीकरण के खिलाफ दूसरे राष्ट्रव्यापी अभियान में सत्यापन के लिए लगभग 73,000 जीएसटी नंबर चुने गए थे। इनमें से लगभग 18,000 फर्जी पाए गए। ये फर्जी कंपनियां लगभग 24,550 करोड़ रुपये की कर चोरी में शामिल थीं। विस्तृत जानकारी के लिए आगे पढ़ें।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
विस्तार
कर अधिकारियों ने माल व सेवा कर (जीएसटी) के तहत रजिस्टर्ड करीब 18,000 ऐसी फर्जी कंपनियों का पता लगाया है, जो करीब 25,000 करोड़ रुपये की कर चोरी में शामिल हैं। फर्जी कंपनियों के खिलाफ हाल ही में चलाए गए देशव्यापी अभियान में अधिकारियों ने 73,000 कंपनियों की पहचान की, जिनके बारे में उन्हें संदेह था कि वे बिना किसी वास्तविक माल की बिक्री के केवल ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (आईटीसी) का लाभ उठाने के लिए स्थापित की गई थीं और इस तरह इन कंपनियों ने सरकारी खजाने को चूना लगाया।
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कर अधिकारियों ने बताया, “फर्जी पंजीकरण के खिलाफ दूसरे राष्ट्रव्यापी अभियान में हमने सत्यापन के लिए लगभग 73,000 जीएसटीआईएन की पहचान की थी। इनमें से लगभग 18,000 अस्तित्वहीन पाए गए। ये फर्जी कंपनियां लगभग 24,550 करोड़ रुपये की कर चोरी में शामिल थीं।”
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विशेष अभियान के दौरान कंपनियों की ओर से लगभग 70 करोड़ रुपये का स्वैच्छिक जीएसटी भुगतान किया गया। सरकार फर्जी जीएसटी पंजीकरण की जांच के लिए लक्षित कार्रवाई कर रही है और अधिक से अधिक भौतिक सत्यापन हो रहा है। फर्जी पंजीकरण के खिलाफ दूसरा राष्ट्रव्यापी अभियान 16 अगस्त से अक्टूबर के अंत तक चला।
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फर्जी पंजीकरण के खिलाफ पिछले साल 16 मई से 15 जुलाई तक चले पहले राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जीएसटी पंजीकरण वाली 21,791 फर्जी कंपनियों का पता चला था। अभियान के दौरान 24,010 करोड़ रुपये की संदिग्ध कर चोरी की जानकारी भी सामने आई थी।