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GST Notice: अब टैक्स नोटिस पर बवाल; 'पॉपकॉर्न के बाद अब डोनट्स पर जीएसटी का खतरा', कांग्रेस का सरकार पर कटाक्ष
Sat, 15 Mar 2025 12:13 PM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 15 Mar 2025 12:13 PM IST
सार
पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस ने कहा था कि जीएसटी के तहत पॉपकॉर्न के लिए तीन अलग-अलग कर स्लैब की बेतुकी व्यवस्था केवल प्रणाली की बढ़ती जटिलता को उजागर करती है। पार्टी ने पूछा था कि क्या मोदी सरकार जीएसटी 2.0 को लागू करने के लिए बदलाव शुरू करने का साहस दिखाएगी। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जीएसटी दरों में और कमी आएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : stock.adobe
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विस्तार
कांग्रेस ने शनिवार को जीएसटी की अलग-अलग दरें लागू करने को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया। पार्टी ने कहा कि पॉपकॉर्न के बाद अब डोनट्स को भी जीएसटी का खतरा है। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि सिंगापुर स्थित चेन 'मैड ओवर डोनट्स' को अपने व्यवसाय को गलत तरीके से वर्गीकृत करने और पांच प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करने के लिए 100 करोड़ रुपये का कर नोटिस का सामना करना पड़ रहा है।
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जयराम रमेश ने 'एक्स' पर लिखा, 'पॉपकॉर्न के बाद अब डोनट्स पर भी जीएसटी का असर पड़ रहा है। 'मैड ओवर डोनट्स' को ₹100 करोड़ का टैक्स नोटिस भेजा गया है। डोनट्स के लिए मशहूर इस ब्रांड पर अपने व्यवसाय का गलत वर्गीकरण करने और डोनट्स पर पांच फीसदी जीएसटी (इसे रेस्टोरेंट सर्विस सेवा बताकर) चुकाने का आरोप है, जबकि बेकरी उत्पादों पर 18% टैक्स लागू होता है। यह मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच चुका है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की हकीकत यही है। इसी वजह से जीएसटी 2.0 की जरूरत और भी ज्यादा हो गई है।'
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कंपनी ने क्या दावा किया?
कंपनी ने दावा किया कि यह एक रेस्तरां सेवा है, जबकि बेकरी आइटम पर 18 प्रतिशत कर का भुगतान किया जा रहा है।
कांग्रेस का सवाल, सरकार का जवाब
पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस ने कहा था कि जीएसटी के तहत पॉपकॉर्न के लिए तीन अलग-अलग कर स्लैब की बेतुकी व्यवस्था केवल प्रणाली की बढ़ती जटिलता को उजागर करती है। पार्टी ने पूछा था कि क्या मोदी सरकार जीएसटी 2.0 को लागू करने के लिए बदलाव शुरू करने का साहस दिखाएगी। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जीएसटी दरों में और कमी आएगी।
जीएसटी 2.0 की आवश्यकता पर बल दिया
इससे पहले कांग्रेस ने पिछले रविवार को कहा था कि कर में कोई भी बदलाव केवल दर में कमी से अधिक व्यापक होना चाहिए। पार्टी ने एक मौलिक रूप से सरल और कम दंडात्मक जीएसटी 2.0 की आवश्यकता पर बल दिया।
जीएसटी 2.0 'अच्छा और सरल कर' के वादे के लिए प्रतिबद्ध
रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में एक सही मायने में जीएसटी 2.0 'अच्छा और सरल कर' की परिकल्पना की थी। पार्टी अब भी अपने वादे के लिए प्रतिबद्ध है।
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