TCS Row: टाटा संस के चेयरमैन ने यौन उत्पीड़न के आरोपों को बताया चिंताजनक, विस्तृत जांच के दिए आदेश
टीसीएस नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों पर टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में एचआर मैनेजर समेत सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पूरी खबर यहां पढ़ें।
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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक शाखा में आठ महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के गंभीर आरोपों ने कॉरपोरेट जगत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने सोमवार को इन आरोपों को "बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक" करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कंपनी इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
नासिक शाखा से जुड़ी शिकायतें और आरोप बेहद गंभीर
सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि नासिक शाखा से सामने आ रही शिकायतें और आरोप बेहद गंभीर हैं। इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार व्यक्तियों की सटीक पहचान करने के लिए टीसीएस की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में एक गहन जांच की जा रही है। चंद्रशेखरन, जो टाटा समूह के चेयरमैन नियुक्त होने से पहले टीसीएस के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक रह चुके हैं, ने जोर देकर कहा कि आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है। इसके साथ ही, टाटा समूह चल रही पुलिस जांच में भी अपना पूरा सहयोग प्रदान कर रहा है।
आठ महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोप
यह पूरा विवाद तब सतह पर आया जब महाराष्ट्र के नासिक स्थित इस बहुराष्ट्रीय कंपनी के कार्यालय में आठ महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोप लगाए। इन कर्मचारियों का दावा है कि उनके वरिष्ठ सहयोगियों ने उनका मानसिक और यौन स्तर पर उत्पीड़न किया है। इसके अलावा, सबसे गंभीर आरोप यह है कि कंपनी के मानव संसाधन (एचआर) विभाग ने उनकी इन शिकायतों को पूरी तरह से अनसुना कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पिछले सप्ताह पुलिस ने इन शिकायतों की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए कंपनी की महिला एचआर मैनेजर सहित अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
जबरदस्ती या दुर्व्यवहार के प्रति शून्य-सहिष्णुता: टीसीएस
टाटा समूह ने कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों को दृढ़ता से दोहराते हुए कहा है कि किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि उनका सॉल्ट-टू-सॉफ्टवेयर (नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक) समूह अपने किसी भी कर्मचारी द्वारा की गई किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या दुर्व्यवहार के प्रति 'शून्य-सहिष्णुता' की नीति रखता है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त और उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, कंपनी के भीतर प्रक्रियागत सुधार या अन्य सुधारात्मक उपायों को तुरंत और सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
इससे पहले रविवार को अपनी पहली आधिकारिक टिप्पणी में, टीसीएस ने भी उत्पीड़न के मामलों में अपनी शून्य सहिष्णुता की नीति की पुष्टि की थी और यह जानकारी दी थी कि संबंधित कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा था कि वे हमेशा कार्यस्थल पर अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करते आए हैं। टीसीएस प्रबंधन ने यह भी साफ किया कि जैसे ही उन्हें नासिक के इस मामले से अवगत कराया गया, उन्होंने त्वरित कार्रवाई की।