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Tamil Nadu: तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु ने पेश किया बजट, '7 भव्य तमिल सपने' पर है आधारित
Mon, 19 Feb 2024 03:35 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 19 Feb 2024 03:35 PM IST
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एमके स्टालिन।
- फोटो : अमर उजाला।
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तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपना बजट पेश किया, जिसमें ‘‘7 भव्य तमिल सपने’ को आधार बनाया गया। इसके मूल में सामाजिक न्याय एवं महिला कल्याण शामिल है।
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वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु ने बजट पेश किया और कई घोषणाएं कीं। इसमें दिवंगत द्रमुक संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के नाम पर एक आवासीय योजना ‘कलैग्नारिन कनावु इलम’ शामिल है।
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उन्होंने कहा कि योजना के तहत 2030 तक राज्य भर के ग्रामीण इलाकों को ‘झोपड़ी-मुक्त’ बनाने के लिए आठ लाख कंक्रीट के मकान बनाए जाएंगे। थेन्नारसु ने अपने बजट भाषण में कहा कि सामाजिक न्याय, हाशिये पर पड़े लोगों का कल्याण, तमिल युवाओं को वैश्विक स्तर पर सफल बनाना सात लक्ष्यों में से एक है।
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अन्य बातों के अलावा उन्होंने नगर निगमों के आसपास के क्षेत्रों की सड़कों सहित नागरिक सुविधाओं के लिए बजट में 300 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। थेन्नारसु ने कहा कि राज्य ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीबी उन्मूलन में बहुत महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार तमिलनाडु में गरीबी रेखा से नीचे केवल 2.2 प्रतिशत लोग हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पेश किए गए बजट में तमिलनाडु सरकार ने 49,000 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व घाटे का अनुमान लगाते हुए कई नई घोषणाएं की गई हैं। थेन्नारसु ने कागज रहित ई-बजट पेश किया।
वित्त वर्ष 2023-24 के संशोधित अनुमान में राजकोषीय घाटे के अनुमान को मामूली बढ़ाकर 92,075 करोड़ रुपये से 94,060 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) अनुमान में कमी के कारण 2023-24 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.45 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहले इसके 3.25 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।
थेन्नारसु ने आवास, शिक्षा और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई घोषणाएं कीं। कुल राजस्व व्यय 3,48,289 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान में प्रतिबद्ध व्यय में मानक वृद्धि के अलावा, सब्सिडी और हस्तांतरण के लिए 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक के आवंटन का प्रावधान है।
थेन्नारसु ने कहा, ‘‘ यह वृद्धि मुख्य तौर पर पिछले वर्ष की तुलना में कलैगनार मगलिर उरीमई थोगई थित्तम (महिला अधिकार योजना 1000 रुपये प्रति माह) के तहत 5,696 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय के कारण है...’’
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर बजट अनुमान 2024-25 में राजस्व घाटा 49,279 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।’’ उन्होंने कहा कि बजट अनुमान 2024-25 में राजकोषीय घाटा 1,08,690 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 3.44 प्रतिशत बैठता है। बजट में दिवंगत द्रमुक संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के नाम पर एक आवासीय योजना ‘कलैग्नारिन कनावु इलम’ शामिल है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत 2030 तक राज्यभर के ग्रामीण इलाकों को ‘झोपड़ी-मुक्त’ बनाने के लिए आठ लाख कंक्रीट के मकान बनाए जाएंगे। सरकार ने कहा कि बजट का लक्ष्य ‘‘7 भव्य तमिल सपने’’ को हासिल करना है। थेन्नारसु ने अपने बजट भाषण में कहा कि सामाजिक न्याय, हाशिये पर पड़े लोगों का कल्याण, तमिल युवाओं को वैश्विक स्तर पर सफल बनाना सात लक्ष्यों में से एक है। अन्य बातों के अलावा उन्होंने नगर निगमों के आसपास के क्षेत्रों की सड़कों सहित नागरिक सुविधाओं के लिए बजट में 300 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। थेन्नारसु ने कहा कि राज्य ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीबी उन्मूलन में बहुत महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार तमिलनाडु में गरीबी रेखा से नीचे केवल 2.2 प्रतिशत लोग हैं।