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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Stock Markets Rally for 4th Day as Sensex Surges 1,225 Points; All Eyes on US Midterm Elections, Know Impact

मार्केट: अमेरिका में मिड टर्म चुनाव परिणामों के बीच बाजार लगातार पांचवे दिन हरे निशान पर, जानें असर

Wed, 04 Nov 2026 10:40 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 04 Nov 2026 10:40 AM IST
सार

  • एक तरफ अमेरिका में हो रहे मध्यावधि चुनावों के परिणाम आ रहे हैं तो दूसरी ओर भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी दिख रही है।
  • अमेरिका में हुई वोटिंग का भारतीय बाजार की चाल पर क्या असर पड़ रहा जानने के लिए पढ़ते रहे खबर।

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Stock Markets Rally for 4th Day as Sensex Surges 1,225 Points; All Eyes on US Midterm Elections, Know Impact
अमेरिका में चुनाव और भारतीय बाजार। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

अमेरिका में मिड टर्म चुनावों के परिणाम, विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारी निवेश और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन जोरदार तेजी दर्ज की गई। बुधवार को शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस उछाल से बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया है।

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बुधवार को शुरुआती कारोबार में बाजार की चाल कैसी?

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 288 अंक चढ़कर 77,185.35 पर पहुंच गया। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 77.25 अंक की वृद्धि के साथ 23,890.85 पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व और भारतीय स्टेट बैंक सबसे बड़े लाभ में रहे। वहीं, पावर ग्रिड, इटरनल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और भारती एयरटेल पिछड़ गए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.43 फीसदी की गिरावट के साथ 103.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 6,836.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजे क्या कह रहे?

अमेरिकी कांग्रेस में सत्ता के समीकरण बदलते दिख रहे हैं। डेमोक्रेट्स यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में रिपब्लिकन पर बढ़त बना रहे हैं। इन चुनावी नतीजों का असर डोनाल्ड ट्रंप के विधायी एजेंडा पर पड़ सकता है। डेमोक्रेट्स 51 सीटें जीतकर सीनेट में बहुमत हासिल कर चुके हैं।

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यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पर नियंत्रण पाने के लिए डेमोक्रेट्स को तीन सीटों का शुद्ध लाभ चाहिए। वर्तमान में रिपब्लिकन पार्टी के पास सदन में बहुमत है। CBS न्यूज के अनुमान के अनुसार, डेमोक्रेट्स कम से कम 208 सीटें जीत सकते हैं। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को कम से कम 160 सीटें मिलने का अनुमान है। सदन में बहुमत हासिल करने के लिए कुल 218 सीटों की आवश्यकता होती है। यह आंकड़ा डेमोक्रेट्स के लिए महत्वपूर्ण है।

भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या होगा असर?

भारत के लिए यह घटनाक्रम खास महत्व रखता है। इसके कुछ संभावित प्रभाव हो सकते हैं:

  • टैरिफ विवाद: भारत पर अमेरिकी आयात शुल्क को लेकर डेमोक्रेट्स की ओर से अलग-अलग नीतिगत दृष्टिकोण सामने आ सकते हैं। हालांकि, इससे तत्काल शुल्क कम होने की गारंटी नहीं है।
  • व्यापार समझौते: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं पर अमेरिकी घरेलू राजनीति का प्रभाव बढ़ सकता है।
  • रक्षा सहयोग: भारत के साथ रक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर सीनेट की निगरानी और चर्चा बढ़ सकती है।
  • वीजा और आव्रजन: भारतीय पेशेवरों से जुड़े H-1B और अन्य आव्रजन मुद्दों पर कांग्रेस में बहस तेज हो सकती है।
  • यहां ध्यान रखना होगा कि भारत के प्रति अमेरिकी विदेश नीति केवल एक पार्टी तय नहीं करती। राष्ट्रपति और उनकी प्रशासनिक टीम की भी अहम भूमिका रहती है।

अमेरिकी चुनावों का भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर क्या असर पड़ सकता है?

मंगलवार को अमेरिका में लाखों मतदाता प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सेनेट की 35 सीटों के लिए मतदान हुए। अमेरिका के चुनावी नतीजों का असर बाजार पर कैसे पड़ता है आइए समझते हैं।

  • संसद का नियंत्रण और नीतियां: यदि रिपब्लिकन या डेमोक्रेट्स में से किसी का नियंत्रण बदलता है, तो ट्रंप की आर्थिक नीतियों, वैश्विक व्यापार, टैरिफ और सरकारी खर्चों पर सीधा असर पड़ेगा।
  • कमोडिटी और ब्याज दरों पर प्रभाव: चुनाव नतीजों को लेकर निवेशकों की सतर्कता के चलते मंगलवार को एमसीएक्स पर चांदी वायदा कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा (6,168 रुपये) की गिरावट आई और यह 1,77,611 रुपये प्रति किग्रा पर आ गई। 
  • ब्याज दरों का आउटलुक: कोटक नियो की कमोडिटी रिसर्च हेड कायनात चैनवाला और लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, अमेरिकी चुनाव के नतीजे, ब्याज दरों का परिदृश्य और तकनीकी शेयरों में बिकवाली वैश्विक बाजारों और कीमती धातुओं में अस्थिरता बढ़ा रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में घरेलू आर्थिक बुनियाद और एफआईआई की वापसी से अल्पकालिक मजबूती आई है। हालांकि, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजे वाशिंगटन में सत्ता संतुलन और डोनाल्ड ट्रंप के विधायी एजेंडे को प्रभावित करेंगे, जिसका असर आने वाले सत्रों में वैश्विक लिक्विडिटी, डॉलर, कच्चे तेल और भारतीय इक्विटी बाजारों की चाल पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।

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