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Quick Commerce: 'विदेशी निवेश के रूप में मिले धन का हो रहा दुरुपयोग', कैट ने केंद्रीय मंत्री से की यह मांग
Mon, 30 Dec 2024 06:36 PM IST
नविता स्वरूप
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नविता स्वरूप
Updated Mon, 30 Dec 2024 06:36 PM IST
सार
Quick Commerce: क्विक कॉर्मस कंपनियों से छोटे किराना स्टोर्स को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। स्विगी इंस्टामार्ट, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियां जिस तेजी से बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है। वहीं, गली-मुहल्ले के किराना दुकानदारों की बिक्री लगातार कम हो रही है। इस बीच, कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर क्विक कॉमर्स कंपनियों पर कानूनों और नियमों के कथित उल्लंघन के लिए कार्यवाही करने की मांग की है। आइए इस बारे में जानें।
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पीयूष गोयल
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
क्विक कॉर्मस कंपनियों से छोटे किराना स्टोर्स को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। स्विगी इंस्टामार्ट, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियां जिस तेजी से बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है, गली-मुहल्ले के किराना दुकानदारों की बिक्री लगातार कम हो रही है। वे अपना ग्राहक वर्ग खोते जा रहे हैं। इस बीच, कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर क्विक कॉमर्स कंपनियों की ओर से कानूनों और नियमों के कथित उल्लंघन करने के लिए कार्यवाही करने की मांग की है।
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जेपी मार्गन द्वारा मुंबई के ऑफलाइन किराना स्टोर पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार क्विक कॉमर्स के चलते किराना स्टार्स की बिक्री में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है। अध्ययन में 80 प्रतिशत किराना स्टोर मालिकों ने इस बात को स्वीकार करते हैं कि क्विक कॉमर्स कंपनियां इसकी जिम्मेदार है। जिसकी वजह से वे अपने ग्राहकों सहित अपना कारोबार खो रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच मुंबई के मस्जिद बंदर के होलसेल मसाला और ड्राइफ्रूट्स मार्केट इससे प्रतिस्पर्धा करने के लिए स्वयं को ऑनलाइन करने की तैयारी कर रही है।
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दूसरी ओर, फेडरेशन ऑफ रिटेलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सरकार से किराना स्टोर्स को तकनीकी जानकारी और सहायता प्रदान करने के लिए आग्रह किया है। एसोसिएशन ने सरकार से किराना स्टोर्स के लिए अलग समाधान तैयार करने को कहा है, जिससे वे अपने ग्राहकों और उनकी जरूरत को देखते हुए अपने नेटवर्क को बढ़ा सकें, वैसे ही जैसे क्विक कॉमर्स कंपनियां अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए करती हैं। वही कैट (Confederation of All India Traders) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर क्विक कॉमर्स कंपनियों की ओर से कानूनों और नियमों के कथिल उल्लंघन करने के लिए कार्यवाही करने को कहा है।
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होलसेल मार्केट और किरान स्टोर्स ऑनलाइन की तैयारी में
मुंबई के मस्जिद बंदर को मसाला और ड्राइफ्रूट्स होलसेल मार्केट भी अपने आप को ऑनलाइन करने के लिए काम कर रहा है। जिसमें व्यापारी क्विक कॉमर्स कंपनियों को प्रतिस्पर्ध दे सकें। मसाला और ड्राइफ्रूट्स होलसेल मार्केट के अध्यक्ष अतुल गणात्रा बताते हैं कि हम काफी समय से इस बाजार को ऑनलाइन बनाने के लिए काम कर रहे हैं। यह बात सही है कि वर्तमान समय में क्विक कॉमर्स की वजह से कारोबार प्रभावित हुआ है, लेकिन होलसेल की बिक्री अभी वैसी ही बनी हुई है। शादि ब्याह के सीजन में मसाले और ड्राइफ्रूट्स की बिक्री 40 प्रतिशत से अधिक होती है। होलसेल और अधिक खरीदी के लिए लोग बाजार आते हैं। जिसकी वजह से इस कैटेगरी में अभी परेशानी कम है। वे बताते हैं हम छोटे कारोबारियों को वॉट्सऐप बिजनेस के जरिए ग्राहकों को जोड़ने, उनके घरों तक डिलवरी करने के साथ शादि ब्याह के लिए ड्राइफ्रूट्स गिफ्ट पैक पहुंचाने पर काम कर रहे हैं।
कारोबारियों को तकनीकी सहायता
चेंबर ऑफ एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड के अध्यक्ष मोहन गुरानी बताते हैं कि हम सभी संगठन मिलकर छोटे, सूक्ष्म और लघु कारोबारियों को नई तकनीक से जोड़ रहे हैं, जिसमें वे अपने कारोबार को ऑनलाइन के मंच पर खड़ा कर सकें। इसके लिए ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स) और वॉट्सऐप के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं जिसमें हमने हजारों कारोबारियों को तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं।
कैट ने मंत्री को क्विक कॉमर्स कंपनियों की कारगुजारियों पर लिखा पत्र
वहीं दूसरी 70 मिलियन व्यापारियों का प्रतिनिधत्व करने वाल आखिल भारतीय व्यापरी परिसंघ (कैट) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा कानूनों और नियमों के कथिल उल्लंघन की ओर ध्यान आकर्षित किया है। अपने पत्र में कैट ने आरोप लगाते हुए लिखा है कि किस तरह से कंपनियां विदेशी निवेश का दुरुपयोग कर देश के रिटेल बाजार को नुकसान पहुंचा रही है, जिससे छोटे दुकानदारों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। कैट ने पहले भी इस मुद्दे पर एक श्वेत पत्र जारी किया था, जिसकी एक प्रति मंत्री को भी भेजी गई है। संगठन अब सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र के साथ श्वेत पत्र भेज रहा है।
विदेशी निवेश के जरिए प्राप्त धन का हो रहा दुरुपयोग
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर जोमैटो के स्वामित्व वाले ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट (स्विगी) और ज़ेप्टो जैसे क्यूकॉम प्लेटफार्मों पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के माध्यम से प्राप्त धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये फर्म आपूर्तिकर्ताओं को नियंत्रित करती हैं, इन्वेंट्री पर हावी होती हैं और मनमाने ढंग से उत्पाद की कीमतें निर्धारित करती हैं। उनका प्राथमिक उद्देश्य छोटे पड़ोस के किराना स्टोरों को खत्म करना और उनके बाजारों पर कब्जा करना प्रतीत होता है, उन्होंने कहा। ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों की तरह, सीएआईटी ने आरोप लगाया कि ये कंपनियां भारत के खुदरा क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए क्यूकॉम का उपयोग कर रही हैं। उनका कहना है कि देश भर में 30 मिलियन से अधिक छोटी किराना दुकानों के अपने कारोबार को बनाए रखना मुशिकल हो रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य ज्वलंत व्यापारिक विषयों को लेकर कैट ने आगामी 6-7 जनवरी को दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी सेमिनार आयोजित करने जा रहा है।