सैन्य हवाई अड्डों पर टैंक रहने चाहिए फुल, हमले से पहले तेल कंपनियों को मिला था आदेश
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा प्रांत में स्थित बालाकोट पर हवाई हमले से छह दिन पहले केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों ने बड़ा आदेश दिया था। सरकार ने तेल कंपनियों से उत्तरी राज्यों में स्थित सभी सैन्य हवाई अड्डों पर अपने ईंधन के टैंक फुल करने का आदेश जारी कर दिया था।
सभी हवाई अड्डों पर न हो कमी
सरकार ने तेल कंपनियों को आदेश दिया था कि उत्तर और पश्चिम क्षेत्र में स्थित सभी तरह के हवाई अड्डों जो कि पाकिस्तान सीमा के काफी नजदीक हैं, उन पर एटीएफ की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही कश्मीर घाटी में स्थित हवाई अड्डों के लिए हवाई ईंधन के 500 टैंकर भेजे गए थे।
भारत के पास है 20 दिन का स्टॉक
भारत के पास फिलहाल हवाई ईंधन का 20 दिन का स्टॉक मौजूद है। वहीं पेट्रोल, डीजल का 15 दिन का स्टॉक मौजूद रहता है। पाकिस्तान के पास सभी को मिलाकर केवल पांच से छह दिन का स्टॉक रहता है। हालांकि पाकिस्तान ने इसके लिए 25 दिन की समय सीमा तय की है।
उत्तरी राज्यों में रहती है भरमार
चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा होने के कारण उत्तरी राज्यों में तेल कंपनियां पहले से ईंधन का स्टॉक रखती हैं। युद्ध होने पर सैन्य बलों के लिए ईंधन का स्टॉक बढ़ा दिया जाता है।
जम्मू, लद्दाख और श्रीनगर पर फोकस
तेल कंपनियों का इस वक्त सबसे ज्यादा फोकस जम्मू, लद्दाख और श्रीनगर पर रहता है। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के कारण तेल कंपनियां गर्मी के मौसम में लद्दाख में छह-सात महीनों के लिए स्टॉक भेजा जाता है। इंडियन ऑयल के पास लद्दाख के कारगिल, लेह और न्योमा में काफी बड़ी भण्डारण क्षमता है।