Shaktikant Das: रुपये की गिरावट पर बोले आरबीआई गवर्नर, हम जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैंक ऑफ बड़ौदा के इकोनॉमिक्स कॉन्फ्रेंस के दौरान बोलते हुए कहा है कि भारत में महंगाई की दर लगभग स्थिर बनी हुई है, साथ ही हमारे पास पर्यात मात्रा में विदेशी मुद्रा का रिजर्व है।
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रुपये में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि उभरते बाजारों और विकसित अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं के मुकाबले घरेलू मुद्रा अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है। हम रुपये में आ रही गिरावट को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं यानी केंद्रीय बैंक रुपये में तेज उतार-चढ़ाव और अस्थिरता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। हाल ही में डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 80 के पार पहुंच गया था। डॉलर के मुकाबले रुपया इस साल 7.5 फीसदी टूट चुका है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यक्रम में गवर्नर ने कहा, आरबीआई के विभिन्न कदमों से रुपये के सुगम कारोबार में मदद मिली है। विदेशी पोर्टफोलियो की निकासी और आयात जरूरतों से बाजार में डॉलर की आपूर्ति कम हो जाने से हमने डॉलर की उपलब्धता बढ़ा दी है। विदेशी मुद्रा की नकदी को समुचित स्तर पर बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक बाजार में डॉलर की आपूर्ति करता है।
हालांकि, रुपये के एक खास स्तर तक बने रहने को लेकर कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है। लेकिन, हम इसका व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना चाहेंगे और घरेलू मुद्रा में तेज उतार-चढ़ाव नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, जोखिम से बिना बचाव वाले विदेशी कर्ज से परेशान होने की जरूरत नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां बड़ी संख्या में ऐसे लेनदेन कर रही हैं। सरकार जरूरत पड़ने पर इसमें हस्तक्षेप करती है।
विदेशी मुद्रा भंडार : छाता इसलिए खरीदते हैं ताकि बारिश में इस्तेमाल कर सकें
गवर्नर ने रुपये को सहारा देने के लिहाज से विदेशी मुद्रा भंडार के इस्तेमाल पर कहा कि बारिश के समय इस्तेमाल करने के लिए छाता खरीदा जाता है। इसलिए आरबीआई ने अचानक एवं अस्थिर उठापटक के दौरान यह सुनिश्चित किया है कि विदेशी मुद्रा बाजार टिकाऊ ढंग से काम करे। केंद्रीय बैंक का विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप बना रहेगा ताकि रुपया बुनियादी स्थिति के मुताबिक स्तर हासिल कर सके।
- विदेशी पूंजी की आवक तेज रहते समय हमने जो विदेशी मुद्रा भंडार खड़ा किया था, उसका यही मकसद है।
- बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल हुआ है। 8 जुलाई वाले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 8.062 अरब डॉलर घटकर 580.252 अरब डॉलर रह गया था।
महंगाई : 4% के करीब लाने की चुनौती
वैश्विक अनिश्चितता के बीच दास ने कहा, केंद्रीय बैंक सुनिश्चित करेगा कि अर्थव्यवस्था में ज्यादा उठापटक न हो। आर्थिक वृद्धि पर नाम मात्र असर पड़े और महंगाई 4% के करीब आए। खुदरा महंगाई बड़ी चुनौती है, जो उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। अगस्त में मौद्रिक नीति समिति बैठक में 2022-23 में महंगाई के 6.7% पूर्वानुमान की समीक्षा की जाएगी।
- रेपो दर : उदार रुख छोड़ने की प्रक्रिया जारी मौद्रिक नीति समिति के प्रमुख दास ने कहा कि उदार रुख छोड़ने की प्रक्रिया अब भी चल रही है। इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि दो बार वृद्धि के बावजूद रेपो दर कोविड-पूर्व स्तर के नीचे बनी हुई है।
- बैंक : बनाए रखें पूंजी की उपलब्धता बैंक पूंजी की उपलब्धता बनाए रखें। ऐसा अभ्यास सुशासन का संकेत माना जाएगा। आगे जाकर बैंक की दुनिया प्रतिस्पर्धी होने के साथ सहयोगात्मक भी हो जाएगी।
डिजिटल कर्ज : जल्द आएगी नीति
डिजिटल कर्ज बांटने वाली फिनटेक कंपनियों को चेतावनी देते हुए दास ने कहा, उन्हें सिर्फ वही कार्य करने चाहिए, जिसके लिए लाइसेंस मिला है। लाइसेंस प्रावधानों का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। डिजिटल मंचों के जरिये कर्ज बांटने को लेकर अगले कुछ सप्ताह में नई नीति लाई जाएगी।
चार सहकारी बैंकों पर आरबीआई का प्रतिबंध
आरबीआई ने 4 सहकारी बैंकों से निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें साईबाबा जनता सहकारी, सूरी फ्रेंड्स यूनियन, यूनाइटेड इंडिया सहकारी बैंक और नेशनल अर्बन सहकारी बैंक हैं। जनता सहकारी बैंक से 20,000 और सूरी फ्रेंड्स से 50,000 रुपये निकालने की सीमा लगी है। नेशनल अर्बन से 10 हजार निकासी सीमा है। इसके अलावा, सूर्योदय स्माल फाइनेंस पर 57.75 लाख का जुर्माना लगा है।