द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी; सेंसेक्स 555 अंक टूटा, निफ्टी 23650 के नीचे बंद
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट जारी रही। सेंसेक्स 555 अंक गिरकर 75,578 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 144 अंक गिरकर 23,635 पर आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और फेड दर वृद्धि की चिंताएं गिरावट के प्रमुख कारण रहे। आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर 2 फीसदी तक गिरे।
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 555 अंक गिरकर 75,578 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 144 अंक के नुकसान के साथ 23,635 पर आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि की चिंताएं और आईपीओ बाजार में तेजी जैसे कारक बाजार की धीमी गिरावट में योगदान दे रहे हैं।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 555.23 अंक या 0.73 फीसदी गिरकर 75,577.58 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान यह सूचकांक 579.46 अंक या 0.76 फीसदी तक गिरकर 75,553.35 अंक के निचले स्तर पर पहुंच गया था। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 144.05 अंक या 0.61 फीसदी की गिरावट के साथ 23,635.10 अंक पर समाप्त हुआ। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें लगभग 99 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का असर रुपये पर पड़ा। निवेशकों की भावना पर दबाव पड़ने से रुपया मंगलवार को डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर 94.84 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को काफी कम कर दिया। पश्चिम एशिया में जारी संकट भी बाजार की धारणा पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। इस कारण पूरे सत्र के दौरान बाजार में बिकवाली का दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
सेंसेक्स की प्रमुख नुकसान उठाने वाली कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक शामिल रहे। हालांकि, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी पोर्ट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
सोमवार को भी शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा था। उस दिन सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 फीसदी गिरकर 76,132.81 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 118.55 अंक या 0.50 फीसदी की गिरावट आई थी, और यह 23,779.15 अंक पर समाप्त हुआ था। ऐसे में लगातार दूसरे दिन की गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
बाजार में गिरावट के पीछे क्या प्रमुख कारण रहे?
एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने बाजार की स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि भारतीय इक्विटी बाजार कमजोर रुख के साथ बंद हुए हैं। यह गिरावट अब सात सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गई है। बाजार में मौजूदा मंदी का रुझान लगातार बना हुआ है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता निवेशकों की धारणा पर भारी पड़ रही है। इन सभी कारकों ने पूरे सत्र के दौरान बिकवाली के दबाव को बनाए रखा।
वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल का क्या रुख रहा?
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1.45 फीसदी बढ़कर 98.36 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। एशिया के प्रमुख बाजारों में भी गिरावट का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, शंघाई का एस एस ई कंपोजिट सूचकांक बढ़त के साथ समाप्त हुआ। यूरोप के बाजार भी मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार लेबर डे की छुट्टी के कारण बंद थे।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की क्या भूमिका रही?
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 280.13 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। हालांकि, उनकी यह खरीद बाजार की बड़ी गिरावट को रोकने में सफल नहीं हो पाई। बाजार में लगातार दूसरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। निवेशकों ने मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सतर्कता बरती।