Sensex Closing Bell: शेयर बाजार में हरे निशान पर क्लोजिंग; सेंसेक्स 318 अंक चढ़ा, निफ्टी 23600 के करीब पहुंचा
Sensex Closing Bell: वायदा कारोबार की एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 317.93 अंक बढ़कर 77,606.43 पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 105.10 अंक मजबूत होकर 23,591.95 के स्तर पर बंद हुआ। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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विस्तार
विदेशी पूंजी के ताजा आगमन के कारण हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान पर बंद हुए। वायदा करोबार की एक्सपायरी के दिन 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 317.93 अंक या 0.41 प्रतिशत चढ़कर 77,606.43 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 458.96 अंक या 0.59 प्रतिशत बढ़कर 77,747.46 अंक पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 105.10 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 23,591.95 अंक पर पहुंच गया। गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की गिरावट के साथ 85.79 रुपये (अस्थायी) के भाव पर बंद हुआ।
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सेंसेक्स में शामिल शेयरों में कैसा रहा कारोबार?
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, जोमैटो, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और टाइटन के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त दिखी। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से आयातित कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के एलान के बाद टाटा मोटर्स के शेयर 5.5 प्रतिशत तक टूट गए। सन फार्मा, कोटक महिन्द्रा बैंक, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
जानकारों के अनुसार, "विदेशी फंडों के निरंतर प्रवाह और ब्लू-चिप शेयरों की खरीद के कारण घरेलू सूचकांकों में पूरे दिन सकारात्मक माहौल दिखा। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ के असर की आशंका से ऑटो शेयर प्रभावित हुए। फार्मा क्षेत्र के शेयरों पर भी बाजार में चिंता दिखी।"
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "इन चुनौतियों के बावजूद, व्यापक बाजार ने लचीलापन प्रदर्शित किया है, जिसे वित्त वर्ष 26 में दोहरे अंकों की आय वृद्धि की उम्मीदों से समर्थन मिला है, जो मुद्रास्फीति में कमी और ब्याज दरों में गिरावट के रुझान से प्रेरित है, जिससे घरेलू बुनियादी बातों में सुधार होने की उम्मीद है।"
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बुधवार को एफआईआई ने 2240 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,240.55 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.90 प्रतिशत तथा मिडकैप सूचकांक 0.46 प्रतिशत चढ़ा। बीएसई के क्षेत्रीय सूचकांकों में यूटिलिटीज (2.09 प्रतिशत), सर्विसेज (1.61 प्रतिशत), रियल्टी (1.38 प्रतिशत), तेल एवं गैस (1.32 प्रतिशत), ऊर्जा (1.22 प्रतिशत) और बिजली (1.16 प्रतिशत) में उछाल आया। ऑटो और दूरसंचार क्षेत्र के शेयर भी नरम पड़े।
एशियाई बाजारों में शंघाई और हांगकांग सकारात्मक दायरे में बंद हुए जबकि सियोल और टोक्यो में गिरावट दर्ज की गई। यूरोप के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुए।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, "एफआईआई के रुख में बदलाव, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में मजबूती और अन्य दिग्गज कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार में सकारात्मक माहौल कायम है। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी खबरों के कारण कभी-कभार अस्थिरता बनी रहती है।" वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.23 प्रतिशत गिरकर 73.62 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बुधवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 728.69 अंक या 0.93 प्रतिशत गिरकर 77,288.50 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 181.80 अंक या 0.77 प्रतिशत गिरकर 23,486.85 अंक पर बंद हुआ।