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SEBI: पुनित गोयनका और ZEEL को बड़ी राहत, बाजार नियामक के आदेश को अपील ट्रिब्यूनल ने रद्द किया
Tue, 31 Oct 2023 12:03 AM IST
ज्योति भास्कर
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 31 Oct 2023 12:03 AM IST
सार
जी एंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रमोटर पुनित गोयनका को बड़ी राहत मिली है। सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने सोमवार को शेयर बाजार नियामक- सेबी के आदेश पर रोक लगा दी।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने जी एंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) को प्रभावित करने वाला आदेश पारित किया था। सोमवार को कंपनियों के अपील का निपटारा करने वाले प्राधिकरण- सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने सेबी के आदेशों को रद्द कर दिया। अपने आदेश में सेबी ने जी एंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज को कंपनी और अन्य फर्मों में अहम प्रबंधकीय पद संभालने से रोक दिया गया था।
फंड की हेराफेरी से जुड़े एक मामले में सेबी के आदेश को रद्द करते हुए ट्रिब्यूनल ने पुनित गोयनका को अपने खिलाफ चल रही सेबी की जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया। अगर जांच के दौरान गोयनका के खिलाफ कोई सबूत मिलता है तो नियामक कानून के मुताबिक उचित प्रक्रिया अपना सकता है।
ट्रिब्यूनल ने कहा कि इस आदेश से जांच प्रभावित नहीं होगी। न ही कोई पक्ष इसका किसी दूसरे लाभ के लिए उपयोग करेगा। बता दें कि गोयनका ने 14 अगस्त को पारित सेबी के आदेश को चुनौती दी थी। इसमें ZEEL प्रमोटरों - गोयनका और सुभाष चंद्रा को कंपनी में किसी भी निदेशक या अन्य प्रमुख प्रबंधकीय पदों को रखने से रोक दिया था।
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सेबी के आदेश पर रोक लगाते हुए ट्रिब्यूनल ने सोमवार को 94 पेज का विस्तृत फैसला जारी किया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि सेबी के आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता और इसे रद्द किया जाता है, क्योंकि इसका संबंध अपीलकर्ता (गोयनका) से है। पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल ने आदेश में कहा, "अपीलकर्ता को हालांकि जांच में सहयोग करना होगा। अगर जांच के दौरान अपीलकर्ता के खिलाफ कोई सबूत सामने आता है, तो सेबी उसके खिलाफ उचित कार्रवाई कर सकती है।"
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फंड की हेराफेरी से जुड़े एक मामले में सेबी के आदेश को रद्द करते हुए ट्रिब्यूनल ने पुनित गोयनका को अपने खिलाफ चल रही सेबी की जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया। अगर जांच के दौरान गोयनका के खिलाफ कोई सबूत मिलता है तो नियामक कानून के मुताबिक उचित प्रक्रिया अपना सकता है।
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ट्रिब्यूनल ने कहा कि इस आदेश से जांच प्रभावित नहीं होगी। न ही कोई पक्ष इसका किसी दूसरे लाभ के लिए उपयोग करेगा। बता दें कि गोयनका ने 14 अगस्त को पारित सेबी के आदेश को चुनौती दी थी। इसमें ZEEL प्रमोटरों - गोयनका और सुभाष चंद्रा को कंपनी में किसी भी निदेशक या अन्य प्रमुख प्रबंधकीय पदों को रखने से रोक दिया था।
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सेबी के आदेश पर रोक लगाते हुए ट्रिब्यूनल ने सोमवार को 94 पेज का विस्तृत फैसला जारी किया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि सेबी के आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता और इसे रद्द किया जाता है, क्योंकि इसका संबंध अपीलकर्ता (गोयनका) से है। पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल ने आदेश में कहा, "अपीलकर्ता को हालांकि जांच में सहयोग करना होगा। अगर जांच के दौरान अपीलकर्ता के खिलाफ कोई सबूत सामने आता है, तो सेबी उसके खिलाफ उचित कार्रवाई कर सकती है।"