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SEBI: सेबी को मिलेगा कॉल रिकॉर्ड- ग्रुप चैट पाने का अधिकार; सोशल मीडिया से अवैध वित्तीय सलाह हटाने की भी योजना

Fri, 14 Feb 2025 06:29 AM IST
शिव शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 14 Feb 2025 06:29 AM IST
सार

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 2022 में भी इसी तरह की मांग सरकार से की थी। एक बार फिर से उसने 3 फरवरी को पत्र भेजा है। यह अपील तब की गई है, जब नियामक ने बाजार उल्लंघनों की जांच तेज कर दी है और सोशल मीडिया पर प्रसारित अनियमित वित्तीय सलाह पर रोक लगा दी है।

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SEBI will get the right to obtain call records and group chats
सेबी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सरकार से अपने अधिकार को बढ़ाने की मांग की है। यह मांग मान ली जाती है तो सोशल मीडिया जैसे वॉट्सएप व टेलीग्राम आदि से सभी अवैध वित्तीय सलाह को हटाया जा सकता है। साथ ही, बाजार से जुड़े उल्लंघनों की जांच के लिए संबंधित आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड तक पहुंचने की भी मांग की गई है।

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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 2022 में भी इसी तरह की मांग सरकार से की थी। एक बार फिर से उसने 3 फरवरी को पत्र भेजा है। यह अपील तब की गई है, जब नियामक ने बाजार उल्लंघनों की जांच तेज कर दी है और सोशल मीडिया पर प्रसारित अनियमित वित्तीय सलाह पर रोक लगा दी है। नियामक के साथ पहले की बैठक के बावजूद सोशल मीडिया कंपनियों ने अपने कॉल डेटा रिकॉर्ड, समूहों और चैनलों तक पहुंच के लिए सरकार के अनुरोध का अनुपालन नहीं किया है। सेबी ने पिछले सप्ताह सरकार को भेजे पत्र में कहा, मेटा प्लेटफॉर्म की वॉट्सएप जैसी कंपनियों ने नियामक को अपने सोशल मीडिया समूह चैट तक पहुंच से वंचित कर दिया है, क्योंकि वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी कानून उसे अधिकृत एजेंसी के रूप में पहचान नहीं देता है। नियामक का कहना है कि कोई भी ऐसी सामग्री जो प्रतिभूति नियमों का उल्लंघन करती है और वह सामग्री सोशल मीडिया चैनलों पर मौजूद है तो उसे हटाने का अधिकार उसे किसी भी हाल में मिलना चाहिए।
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सेबी ने कहा, डिजिटल या सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रसारित कॉल या संदेश के डाटा रिकॉर्ड तक पहुंचने की उसके पास शक्ति होनी जरूरी है। कर विभाग, राजस्व खुफिया विभाग और प्रवर्तन निदेशालय जैसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पास तो ये अधिकार हैं, पर नियामकों के पास नहीं हैं। धोखाधड़ी वाले कॉल डाटा रिकॉर्ड तक पहुंचने की शक्ति के अभाव के कारण सेबी गंभीर बाजार उल्लंघनों  की जांच करते समय खुद को सीमित पाता है।
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कई तरह की हो रही जांच
मामले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने कहा, बाजार में हेरफेर जैसे फ्रंट रनिंग और इनसाइडर ट्रेडिंग से संबंधित कई जांच चल रही है। इसके लिए नियामक को इन सोशल मीडिया समूहों के रिकॉर्ड तक पहुंचने की जरूरत होती है। वॉट्सएप समूह और टेलीग्राम चैनल बाजार सहभागियों के बीच लोकप्रिय हो गए हैं। प्रभावशाली लोग पैसे के बदले में शेयर विशेष और अन्य प्रतिभूतियों पर ट्रेडिंग टिप्स साझा करते हैं।


फिनफ्लूएंसर की बाढ़
पिछले काफी समय में सेबी फिनफ्लूएंसर और अवैध तरीके से निवेश सलाह देने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर बेहद ऊंचे रिटर्न की गारंटी देने वाले फिनफ्लूएंसर पर बड़ा एक्शन लिया गया है। यूरोप और अमेरिका जैसे विकसित देश अपने प्रतिभूति नियामकों को सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का सीधा अधिकार नहीं देते हैं। हालांकि, उनके पास धोखाधड़ी और भ्रामक विज्ञापन जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को दंडित करने का अधिकार है।

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