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आसान हुई एलआईसी के IPO की राह, सेबी ने बदले नियम

Fri, 19 Feb 2021 01:53 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Fri, 19 Feb 2021 01:53 PM IST
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Sebi altered public issue norms easier for LIC to float its mega initial public offering IPO
सेबी - फोटो : PTI

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के चेयरमैन एमआर कुमार ने बताया था कि कंपनी का बहुप्रतीक्षित आईपीओ दिसंबर तक लाने की तैयारी है। इसके लिए मूल्यांकन का काम तेजी से किया जा रहा है। अब बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के नियमों में बदलाव किया है, जिससे एलआईसी के आईपीओ लाने की राह आसान हो गई है। 

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क्या हैं नए नियम?
नए नियमों के अनुसार, कंपनी अब मौजूदा 10 फीसदी के बजाय पांच फीसदी हिस्सेदारी आईपीओ के जरिए बेच सकती है। इसके साथ ही उन्हें लिस्टिंग के बाद तीन साल के बजाय अब पांच साल का वक्त मिलेगा ताकि कंपनी में न्यूनतम पब्लिक होल्डिंग बढ़ाकर 25 फीसदी तक कर सके। यानी कंपनी को पांच साल में 25 फीसदी हिस्सेदारी ओपन मार्केट में बेचनी होगी। सेबी के अनुसार, जिन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटेलाइजेशन) इश्यू लाने के बाद एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगा, वे 10 फीसदी के बजाय पांच फीसदी हिस्सेदारी आईपीओ के जरिए बेच सकती हैं। लिस्टिंग के बाद अगले दो साल में कंपनी को 10 फीसदी न्यूनतम पब्लिक शेयर होल्डिंग हासिल करनी होगी।
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वित्त मंत्रालय ने साफ कहा था कि 2021-22 की तीसरी तिमाही तक आईपीओ उतारना है और हम इसी समयसीमा पर काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने एक फरवरी को पेश आम बजट में कहा था कि एलआईसी के आईपीओ को नियामकीय अड़चन न आए, इसके लिए एलआईसी एक्ट में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए कंपनी एक्ट के नियमों में भी बदलाव किए जाएंगे। मालूम हो कि मौजूदा समय में एलआईसी में सरकार की 95 फीसदी हिस्सेदारी है।
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सेबी ने इससे पहले नवंबर में एमपीओ की समीक्षा की आवश्यकताओं पर परामर्श पत्र जारी किया था। सेबी ने परामर्श पत्र में प्रारंभिक शेयर बिक्री में न्यूनतम पेशकश के आकार को कम करने का प्रस्ताव दिया था। इसके तहत इश्यू के बाद 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी वाली कंपनियों को आईपीओ में कम से कम पांच फीसदी हिस्सेदारी की पेशकश करने की जरूरत का प्रस्ताव था।

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