फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   SC upholds JSW Steel’s resolution plan for debt-ridden Bhushan power and Steel Ltd

Supreme Court: कर्ज में डूबी भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड पर बड़ा फैसला, JSW स्टील की समाधान योजना बरकरार

Fri, 26 Sep 2025 02:00 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 26 Sep 2025 02:00 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) से जुड़े मामलों में बीपीएसएल के पूर्व प्रमोटरों और कुछ लेनदारों की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। साथ ही, शीर्ष अदालत ने कंपनी के लिए जेएसडब्ल्यू की समाधान योजना को बरकरार रखा है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

विज्ञापन
SC upholds JSW Steel’s resolution plan for debt-ridden Bhushan power and Steel Ltd
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने मेसर्स भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील की समाधान योजना को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने समाधान योजना के खिलाफ कंपनी के पूर्व प्रमोटरों और लेनदारों की याचिका खारिज कर दी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने जेएसडब्ल्यू स्टील की ओर से बीपीएसएल में किए गए लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश पर गौर किया। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के 17 फरवरी, 2020 के समाधान योजना के फैसले को बरकरार रखते हुए पीठ ने शुक्रवार को कहा, हमें अपीलों में कोई दम नहीं दिखता। इसलिए अपीलें खारिज की जाती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

विज्ञापन

पीठ ने अपने फैसले में कहा, एसआरए (सफल समाधान आवेदक)-जेएसडब्ल्यू ने इकाई (कॉर्पोरेट देनदार) के आधुनिकीकरण और विस्तार में भारी मात्रा में निवेश किया है। इतना ही नहीं जेएसडब्ल्यू की ओर से लागू की जा रही समाधान योजना के कारण, कॉर्पोरेट देनदार के चालू व्यवसाय के रूप में चलने से हजारों कर्मचारी अपनी आजीविका चला रहे हैं। दालत ने कहा कि कार्यान्वयन में देरी जेएसडब्ल्यू या ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) के कारण नहीं हुई और दोनों ही बाधाओं के बावजूद योजना को लागू करने का प्रयास कर रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
पीठ ने कहा, यदि समाधान योजना के कार्यान्वयन के बाद, एसआरए-जेएसडब्ल्यू ने घाटे में चल रही इकाई को लाभ कमाने वाली इकाई में बदल दिया है तो क्या इसके लिए उसे दंडित किया जा सकता है? पीठ ने कहा कि यदि हम सीओसी और एनसीएलटी की ओर से अनुमोदित समाधान योजना का हिस्सा न होने के दावे को इतनी देरी से उठाने की अनुमति देते हैं, तो यह भानुमती का पिटारा खोल सकता है। न्यायालय ने कहा कि सफल समाधान आवेदक के रूप में जेएसडब्ल्यू की ओर से जारी अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर (सीसीडी) को इक्विटी माना जाएगा।

छोटी पीठ का फैसला पलटा
शीर्ष अदालत की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने 2 मई को आवेदक जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड की बीपीएसएल के लिए एक समाधान योजना को अवैध और आईबीसी का उल्लंघन करार देते हुए रद्द कर दिया था। सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बाद में शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। 31 जुलाई को पीठ ने 2 मई के फैसले को वापस ले लिया था। पीठ ने कहा था कि जस्टिस त्रिवेदी द्वारा लिखित 2 मई के फैसले में न्यायालय के कई फैसलों में कानूनी स्थिति पर सही ढंग से विचार नहीं किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed