फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   SC allows Centre to continue with security of Industrialist Mukesh Ambani family in Mumbai

सुप्रीम कोर्ट: सरकार को मुकेश अंबानी की सुरक्षा बरकरार रखने की मंजूरी, केंद्र ने की थी अपील

Fri, 22 Jul 2022 10:03 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 22 Jul 2022 10:03 PM IST
सार

सीजेआई एनवी रमण, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील पर सुनवाई की। इसके बरद पीठ ने केंद्र को अंबानी परिवार की सुरक्षा बरकरार रखने की मंजूरी दे दी।

विज्ञापन
SC allows Centre to continue with security of Industrialist Mukesh Ambani family in Mumbai
मुकेश अंबानी - फोटो : instagram

विस्तार

केंद्र सरकार को उद्योगपति मुकेश अंबानी व उनके परिवार की सुरक्षा बरकरार रखने की मंजूरी मिल गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह मंजूरी दे दी है।

विज्ञापन

 
सीजेआई एनवी रमण, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील पर सुनवाई की। इसके बरद पीठ ने केंद्र को अंबानी परिवार की सुरक्षा बरकरार रखने की मंजूरी दे दी। इससे पहले एक अवकाशकालीन पीठ ने 29 जून को हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी थी। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने विकास साहा की जनहित याचिका पर 31 मई और 21 जून को दो आदेश जारी कर केंद्र सरकार से वह जानकारी तलब की थी, जिसके आधार पर अंबानी परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि त्रिपुरा के याचिकाकर्ता विकास साहा का मुंबई में अंबानी परिवार को दी गई सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने कहा कि ऐसी याचिका की सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है। खासकर तब जब अंबानी परिवार सुरक्षा पर आने वाले खर्च का भुगतान खुद कर रहा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता विकास साहा की ओर से पेश वकील से पूछा कि इस मामले में आपके याचिका दायर करने का औचित्य क्या है? सुरक्षा को लेकर आप क्यों चिंतित हैं? यह किसी और की सुरक्षा का मसला है।

अंबानी परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि अंबानी परिवार को सुरक्षा बंदोबस्त दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका दुर्भाग्यपूर्ण है और यह परिवार सुरक्षा पर आने वाले खर्च की भरपाई खुद कर रहा है।


व्हीलचेयर पर जीएसटी गंभीर मसला, मगर कोर्ट नीति की बेड़ियां कैसे तोड़ें : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने व्हीलचेयर समेत दिव्यांगों के लिए अन्य उपकरणों पर जीएसटी लगाए जाने को गंभीर मामला बताया है। साथ ही यह भी कहा कि आखिर कोर्ट नीति की बेड़ियों को कैसे तोड़े। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ को वकील जय देहदराय ने बताया कि अक्तूबर 2020 में कोर्ट के निर्देश के बाद याचिकाकर्ता ने संबंधित मंत्रालय के समक्ष अपनी प्रस्तुति दी।

इसके बावजूद जीएसटी लगाया गया। इसके चलते बहुत सारे दिव्यांगों को चलने फिरने वाले उपकरण प्राप्त करने में मुश्किल आ रही है। उदाहरण के तौर पर व्हील चेयर पर 5 फीसदी जीएसटी लगाया गया है, जिससे इसकी कीमत और बढ़ गई है। यही हाल ब्रेल लिपि वाले कागज की है। वकील ने कहा, एक सक्षम व्यक्ति पर चलने फिरने के लिए कोई कर नहीं लगता, लेकिन दिव्यांगों के उपकरणों पर कर लगाया जा रहा है।

इस पर पीठ ने कहा, हम समझते हैं कि यह गंभीर मामला है और जन हित में आपकी बात विचार करने योग्य है। हमने पहले भी इस मामले में अटॉर्नी जनरल की मदद मांगी थी। समस्या यह है कि हम नीति की बेड़ियों को कैसे तोड़ सकते हैं। पीठ ने कहा, हमें अन्य चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी से भी निपटना पड़ सकता है। पीठ अब इस मामले में 14 सितंबर को सुनवाई करेगी।


सुप्रीम कोर्ट ने जीएसटी परिषद को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया था
सुप्रीम कोर्ट ने 26 अक्तूबर 2020 को इस मामले में जीएसटी परिषद को भी पक्षकार के रूप में शामिल करने को कहा था और नोटिस भी जारी किया था। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से इस मामले में मदद मांगी थी। वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया था कि राजस्व सचिव के साथ विस्तृत चर्चा के बाद निष्कर्ष यह निकला था कि नीतिगत कारणों से याचिकाकर्ता की अपील के मुताबिक इन उपकरणों को जीएसटी से राहत नहीं दी जा सकती।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed