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कोरोनाकाल में खादी के मास्क, फुटवियर और पेंट की जबरदस्त बिक्री, लॉकडाउन के बाद भी हुआ रिकॉर्ड तोड़ कारोबार

Fri, 18 Jun 2021 04:23 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 18 Jun 2021 04:23 PM IST
सार

वर्ष 2020-21 में खादी ग्रामोद्योग आयोग ने 95,741.74 करोड़ रुपये का सकल वार्षिक कारोबार दर्ज किया। पिछले वर्ष 2019-20 में खादी ने 88,887 करोड़ रुपये का कोरोबार किया था। पिछले वर्ष के मुकाबले खादी ने इस वर्ष कारोबार में करीब 7.71 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है...

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Sale of Khadi masks, footwear and paints increase during Corona period
खादी मास्क - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

देशभर में कोरोना लॉकडाउन के बाद भी खादी ग्रामोद्योग आयोग ने इस वर्ष रिकार्ड तोड़ कारोबार किया हैं। इस दौरान लोगों ने खादी ई-पोर्टल के जरिए खादी के मास्क, खादी फुटवियर, खादी प्राकृतिक पेंट और खादी हैंड सैनिटाइजर आदि सामानों की जमकर खरीदारी भी की। वर्ष 2020-21 में खादी ग्रामोद्योग आयोग ने 95,741.74 करोड़ रुपये का सकल वार्षिक कारोबार दर्ज किया। पिछले वर्ष 2019-20 में खादी ने 88,887 करोड़ रुपये का कोरोबार किया था। पिछले वर्ष के मुकाबले खादी ने इस वर्ष कारोबार में करीब 7.71 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है।

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2020-21 में खादी आयोग का रिकॉर्ड प्रदर्शन बहुत महत्व रखता है, क्योंकि पिछले साल 25 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा के चलते उत्पादन गतिविधियां तीन महीने से अधिक समय तक बंद रहीं। कोरोना के दौरान सभी खादी उत्पादन इकाइयां और बिक्री आउटलेट भी बंद रहे, जिससे उत्पादन और बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई थी। हालांकि खादी आयोग ने प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' के आह्वान पर तेजी से काम किया। साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी के अनोखे मार्केटिंग आइडिया का नतीजा है कि खादी ने अपने प्रोडक्ट्स को नई विविधता प्रदान की। वहीं स्थानीय प्रोडक्ट्स की मांग भी बढ़ी।
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केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना का कहना है कि महामारी के दौरान लोगों ने 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' के आह्वान को पूरे जोश से पूरा किया है। कोरोनाकाल के दौरान केवीआईसी का खास ध्यान कारीगरों और बेरोजगार युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजित करना था। आर्थिक संकट का सामना करते हुए, बड़ी संख्या में युवाओं ने पीएमईजीपी के तहत स्वरोजगार और विनिर्माण गतिविधियों को अपनाया, जिससे ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्पादन में वृद्धि हुई। साथ ही, स्वदेशी उत्पादों को खरीदने की प्रधानमंत्री की अपील के बाद खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की तेजी से बिक्री हुई।
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ग्रामोद्योग ने 2019-20 में 65,393.40 करोड़ रुपये के खादी उत्पादन की तुलना में 2020-21 में 70,329.67 करोड़ रुपये का उत्पादन किया। इसी तरह से वित्त वर्ष 2020-21 में ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 92,214.03 करोड़ रुपये की हुई, जबकि 2019-20 में यह आंकड़ा 84,675.29 करोड़ रुपये का था।

खादी की बिक्री में आई कमी

खादी क्षेत्र में उत्पादन और बिक्री में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि देश भर में कताई और बुनाई गतिविधियां महामारी के चलते बंद रहीं। खादी क्षेत्र में 2020-21 में कुल उत्पादन 1904.49 करोड़ रुपये का हुआ, जबकि 2019-20 में यह आंकड़ा 2292.44 करोड़ रुपये का था। 2020-21 में कुल खादी बिक्री 3527.71 करोड़ रुपये की हुई और पिछले वर्ष में यह बिक्री 4211.26 करोड़ रुपये की थी।

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