{"_id":"631afbce97930f660157b401","slug":"rice-production-rice-production-may-fall-by-10-12-million-tonnes-in-kharif-season-this-is-the-reason","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rice Production: खरीफ सीजन में चावल के उत्पादन में आएगी जबरदस्त गिरावट, जानें क्या हैं कारण","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Rice Production: खरीफ सीजन में चावल के उत्पादन में आएगी जबरदस्त गिरावट, जानें क्या हैं कारण
Fri, 09 Sep 2022 02:40 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Fri, 09 Sep 2022 02:40 PM IST
सार
Rice Production: खरीफ सीजन में चावल के उत्पादन में 10-12 मिलियन टन की कमी हो सकती है। हालांकि, खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि देश में चावल का सरपल्स उत्पादन होगा।
विज्ञापन
rice ration new
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में इस वर्ष खरीफ सीजन में चावल के उत्पादन में 10-12 मिलियन टन की कमी हो सकती है। सरकार की ओर से शुक्रवार को कहा गया है कि चावल उत्पादन में कमी धान का बुवाई क्षेत्र घटने के कारण हुआ है।
विज्ञापन
हालांकि, खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि देश में चावल का सरपल्स उत्पादन होगा। उन्होंने कहा है कि देश में कम बारिश होने से कई राज्यों में धान का बुवाई क्षेत्र घटा है। इस बार के खरीफ सीजन में देश में धान के बुवाई क्षेत्र में 38 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।
विज्ञापन
बता दें कि देश में खरीफ सीजन में चावल के कुल उत्पादन का 80 प्रतिशत का उपज होता है।
खाद्य सचिव ने कहा है कि इस वर्ष खरीफ सीजन में चावल के उत्पादन में 10 मिलियन टन तक की कमी आ सकती है। खराब से खराब स्थिति में यह कमी 12 मिलियन टन तक हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह एक प्रारंभिक अनुमान है और यह रकवे में गिरावट व औसत उपज पर आधारित है।
विज्ञापन
सुधांश पांडेय ने कहा है कि जिन राज्यों में अच्छी बारिश हुई है वहां धान के उत्पादन की गिरावट में कमी दर्ज की जा सकती है।
बता दें कि फसल वर्ष (Crop Year) 2021-22 (जुलाई-जून) में चावल का कुल उत्पादन 130.29 मिलियन टन हुआ था। यह पिछले पांच वर्षों के औसत उत्पादन 116.44 मिलियन टन से 13.85 मिलियन टन अधिक है।
हालांकि खाद्य सचिव ने चावल उत्पादन के बारे में बोलते हुए इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि सरकार मुफ्त खाद्यान्न कार्यक्रम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार करेगी या नहीं?