18 महीने के निचले स्तर पर खुदरा महंगाई दर, ब्याज दरों में हो सकती है कटौती
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थोक महंगाई दर के बाद दिसंबर माह में खुदरा महंगाई (सीपीआई) में मामूली कमी देखने को मिली। दिसंबर माह में खुदरा महंगाई दर 2.19 फीसदी रही, जो कि नवंबर महीने में 2.33 फीसदी थी। हालांकि यह पिछले 18 महीने का सबसे निम्न स्तर है। महंगाई दर में कमी होने की वजह से भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में कटौती कर सकता है।
Consumer Inflation down to 2.19 % in December 2018 as compared to 2.33% in November 2018. pic.twitter.com/dSWHRQvKCH
— ANI (@ANI) January 14, 2019
थोक महंगाई दर में भी हुई थी कमी
थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर में आठ महीने के निचले स्तर पर जाकर 3.80 प्रतिशत रही। इसकी वजह ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतें कम होना रहा है। नवंबर में थोक मुद्रास्फीति 4.64 प्रतिशत थीए जबकि दिसंबर 2017 में यह 3.58 प्रतिशत थी।
सरकार द्वारा सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में खाद्य पदार्थों में 0.07 प्रतिशत महंगाई घटी हैए जबकि नवंबर में इसमें अवस्फीति 3.31 प्रतिशत थी। इसी तरह सब्जियों में भी अवस्फीति देखी गई। दिसंबर में यह 17.55 प्रतिशत रही और नवंबर में यह 26.98 प्रतिशत थी।
ईंधन एवं ऊर्जा क्षेत्र में दिसंबर में मुद्रास्फीति घटकर 8.38 प्रतिशत रहीए जो नवंबर की 16.28 प्रतिशत मुद्रास्फीति के मुकाबले लगभग आधी है। इसकी अहम वजह दिसंबर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आना रहा। इन्हें अगर अलग.अलग गौर करें तो दिसंबर में पेट्रोल कीमतों की मुद्रास्फीति 1.57 प्रतिशत और डीजल कीमतों की 8.61 प्रतिशत रही है। वही एलपीजी में यह 6.87 प्रतिशत रही।
खाद्य वस्तुओं में पिछले महीने के मुकाबले आलू दिसंबर में सस्ते हुए। दिसंबर में आलू कीमतों में मुद्रास्फीति की दर 48.68 प्रतिशत रहीए जो नवंबर में 86.45 प्रतिशत थी। प्याज कीमतों में दिसंबर में 63.83 प्रतिशत अवस्फीति दर्ज की गई जो नवंबर में 47.60 प्रतिशत थी।
दालों में मुद्रास्फीति की दर 2.11 प्रतिशत रहीए वहींए अंडाए मांस और मछली में यह दर 4.55 प्रतिशत रही। दिसंबर की 3.80 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर पिछले आठ महीनों में सबसे कम है। इससे पहले अप्रैल में यह 3.62 प्रतिशत पहुंची थी।