रिलायंस-बीपी पेट्रोल पंपों की स्थापना से बढ़ेगी सरकारी तेल कंपनियों की मुश्किलें: मॉर्गन स्टेनली
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भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) और यूके की बीपी की जियो-बीपी ब्रांड के तहत पेट्रोल पम्पों की स्थापना से सरकार के स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी पर असर पड़ेगा। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिलायंस और बीपी ने पिछले हफ्ते ही अपनी खुदरा ईंधन भागीदारी का ब्योरा दिया था, जिसमें ब्रिटेन की कंपनी की 49 फीसदी हिस्सेदारी होगी।
इस साझेदारी के तहत आरआईएल के पम्पों की संख्या मौजूदा 1,400 से बढ़ाकर 5,500 कर दी जाएगी। इसके तहत विमानन ईंधन स्टेशनों की संख्या भी 30 से बढ़ाकर 45 की जाएगी। मॉर्गन स्टेनली ने कहा, ‘नए ईंधन स्टेशन खोलने का लक्ष्य तेल विपणन कंपनियों के लक्ष्य की तुलना में लगभग दो-तिहाई है। इससे आरआईएल को घरेलू बाजार में ज्यादा रिफआइंड उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी, साथ ही निर्यात में भी आसानी होगी।’
बकाया तय करने में हुई जल्दबाजी: आरआईएल
नई दिल्ली। आरआईएल ने सऊदी अरामको के साथ 15 अरब डॉलर की सौदे पर सरकार की दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर तगड़ा जवाब दिया है। आरआएल ने कहा कि यह सौदा अभी तक पूरा नहीं हुआ है, इसलिए अंतिम देनदारी अभी तय नहीं की जा सकती है।
जवाबी शपथ पत्र में आरआईएल ने कहा, यह कहना गलत है कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने कंपनी और उसके साझेदारों के लिए सरकार को 3.5 अरब डॉलर के भुगतान का आदेश पारित कर दिया है। आरआईएल ने कहा, ‘मध्यस्थता फैसले में न तो बकाये का उल्लेख किया गया है, न ही याचिका में इसका खुलासा किया गया है।’ सरकार ने कहा कि तेल और गैस उत्पादन से हुए मुनाफे में उसकी हिस्सेदारी के संशोधित आंकड़ों के आधार पर इसकी गणना की गई है।
रिलायंस का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक
रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 10,744.95 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई , जिसके बाद ये 10,13,892.21 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज शीर्ष पर है। 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के बाजार पूंजीकरण वाली रिलायंस भारत की पहली कंपनी बन गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक है। साल 2018 अगस्त में भी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिकॉर्ड बनाया था जब कंपनी का बाजार पूंजीकरण पहली बार आठ लाख करोड़ के पार गया था। मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा पूंजी बनाई है। इस दौरान कंपनी का पूंजीकरण 5.6 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है।