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धनतेरस: वाहन बिक्री का टूटेगा रिकॉर्ड, हर सेगमेंट में सकारात्मक वृद्धि, 90 फीसदी एसयूवी की हिस्सेदारी
Thu, 09 Nov 2023 05:58 AM IST
यशोधन शर्मा
कालीचरण नई दिल्ली
कालीचरण नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Thu, 09 Nov 2023 05:58 AM IST
सार
फाडा अध्यक्ष ने बताया, कुल बुकिंग में शहरी मांग का योगदान 60 फीसदी है। ग्रामीण इलाकों से भी 40 फीसदी बुकिंग मिली है, जो उम्मीद से कम है। उन्होंने बताया कि बेहतर इन्वेंट्री की वजह से इस साल वाहनों की वेटिंग अवधि घटकर चार-छह महीने रह गई है।
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SUV (सांकेतिक)
- फोटो : Honda
विस्तार
वाहनों की बुकिंग और खुदरा बिक्री के लिहाज से इस साल का धनतेरस शानदार रहने वाला है। देशभर के बाजारों में खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ दिख रही है। वाहनों के हर सेगमेंट में सकारात्मक वृद्धि दिख रही है। नवरात्र की तरह इस बार धनतेरस पर भी वाहन बिक्री का रिकॉर्ड टूट सकता है।
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फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने बताया कि एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) के प्रति बढ़ते आकर्षण की वजह से यह धनतेरस वाहन उद्योग के लिए खास रहेगा। वाहनों की रिकॉर्ड बुकिंग हुई है। कुल बुकिंग में एसयूवी की हिस्सेदारी 90 फीसदी है। हालांकि, हैचबैक और सेडान कारों की बुकिंग में गिरावट देखी जा रही है।
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फाडा अध्यक्ष ने बताया, कुल बुकिंग में शहरी मांग का योगदान 60 फीसदी है। ग्रामीण इलाकों से भी 40 फीसदी बुकिंग मिली है, जो उम्मीद से कम है। उन्होंने बताया कि बेहतर इन्वेंट्री की वजह से इस साल वाहनों की वेटिंग अवधि घटकर चार-छह महीने रह गई है। पिछले साल इन्वेंट्री में कमी से लोगों को वाहनों की डिलीवरी के लिए दो साल तक इंतजार करना पड़ा था।
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दोपहिया में भी तेजी
दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी तेजी की उम्मीद है। फाडा का कहना है कि अब तक बुकिंग के आंकड़े अच्छे रहे हैं। धनतेरस पर दोपहिया वाहनों की बिक्री का असर नवंबर के वाहनों की बिक्री के आंकड़ों पर सकारात्मक दिखेगा।
ईवी : मांग है, पर बनाना होगा किफायती
इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहन) की मांग अच्छी दिख रही है, लेकिन वृद्धि स्थिर है। इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की पहुंच दो फीसदी और ई-दोपहिया वाहनों की पांच फीसदी पर स्थिर है। ईवी की पहुंच बढ़ाने के लिए इन्हें किफायती बनाना होगा।
ऑफर पिछले साल से ज्यादा
पिछले धनतेरस से इस बार ज्यादा ऑफर और फाइनेंस स्कीम उपलब्ध हैं। हैचबैक-सेडान कारों पर 5-10 फीसदी तक छूट मिल रही। एसयूवी पर छूट कम है। एक्सचेंज बोनस व कॉरपोरेट छूट जैसे कई अन्य ऑफर भी मिल रहे हैं। -मनीष राज सिंघानिया, अध्यक्ष, फाडा
कैट का दावा, दो लाख करोड़ का होगा खुदरा कारोबार
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि धनतेरस-दिवाली के लिए सजे बाजारों में उम्मीद से ज्यादा भीड़ दिख रही है। माहौल अच्छा दिख रहा है। इस बार देशभर के खुदरा बाजारों में करीब दो लाख करोड़ रुपये तक कारोबार होने की उम्मीद है। पिछले साल धनतेरस-दिवाली पर खुदरा बाजारों में 1.50 लाख करोड़ का कारोबार हुआ था।
50,000 करोड़ की धनतेरस पर होगी खरीद और बिक्री
सिर्फ धनतेरस पर देशभर के खुदरा बाजारों में 50,000 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है। इसमें सोने के आभूषणों का 3,500 करोड़ का योगदान होगा। इसके अलावा, 1,000 करोड़ रुपये के बर्तन और 1,000 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बिकने की उम्मीद है।
चीन को एक लाख करोड़ की चपत
खंडेलवाल ने कहा, आत्मनिर्भर भारत और वोकल ऑफ लोकल अभियान का उपभोक्ताओं पर काफी असर पड़ा है। इस बार भारतीय कारोबारियों ने धनतेरस-दिवाली से जुड़ी किसी भी वस्तु का चीन से आयात नहीं किया। इससे चीन को एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पिछले साल भी पड़ोसी देश को 75,000 करोड़ की चपत लगी थी।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों में 6 फीसदी तेजी की उम्मीद: राई
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (राई) के सीईओ कुमार राजगोपालन ने बताया कि इस बार पिछले साल से कम उत्साह दिख रहा है। फिर भी, खुदरा बिक्री पिछले साल के मुकाबले 5-6 फीसदी तक बढ़ सकती है। हालांकि, उम्मीद 10-12 फीसदी वृद्धि की जताई जा रही थी। उन्होंने कहा, बुकिंग और पूछताछ के अब तक आंकड़ों को देखें तो इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बिक्री 6 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। फुटवियर में भी 5 फीसदी तक तेजी रह सकती है। लेकिन, कपड़ों की खरीदारी को लेकर उत्साह कम दिख रहा है।
राजगोपालन ने बताया, पिछले साल कोरोना के बाद लोग पहली बार त्योहारों में खरीदारी करने निकले थे। 2022 में दिवाली के आसपास ही शादियों का सीजन शुरू हो गया था। इसलिए, पिछले धनतेरस-दिवाली पर लोगों ने जमकर खरीदारी की थी। इस बार शादियों का सीजन देर से शुरू हो रहा है।