{"_id":"5eef05ad8ebc3e431a3b2028","slug":"rbi-told-delhi-high-court-that-google-is-not-a-payment-system-operator","type":"story","status":"publish","title_hn":"करते हैं गूगल पे का इस्तेमाल, तो जानें इसको लेकर RBI ने अदालत से क्या कहा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
करते हैं गूगल पे का इस्तेमाल, तो जानें इसको लेकर RBI ने अदालत से क्या कहा
Sun, 21 Jun 2020 12:31 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sun, 21 Jun 2020 12:31 PM IST
विज्ञापन
Google PAY
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि गूगल पे एक तृतीय पक्ष एप प्रदाता (टीपीएपी) है और यह किसी भुगतान प्रणाली को संचालित नहीं करता है। आरबीआई ने मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ को बताया कि इसलिए इसके संचालन से 2007 के भुगतान तथा निपटान प्रणाली कानून का उल्लंघन नहीं होता है।
विज्ञापन
भुगतान प्रणाली का संचालन नहीं करता गूगल पे
आरबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि गूगल पे किसी भुगतान प्रणाली का संचालन नहीं करता है, इसलिए वह नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अधिकृत भुगतान प्रणाली परिचालकों की सूची में शामिल नहीं है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: पैसों के लिए न हों चिंतित, इस योजना में रोजाना 48 रुपये निवेश कर मिलेंगे एक करोड़ रुपये
विज्ञापन
क्या है मामला?
दरअसल इस संदर्भ में वित्तीय अर्थशास्त्री अभिजीत मिश्रा ने एक जनहित याचिका में आरोप लगाया था कि गूगल का मोबाइल भुगतान एप गूगल पे या संक्षेप में जीपे, आरबीआई से अपेक्षित मंजूरियों के बिना वित्तीय लेनदेन की सुविधा दे रहा है।
इस याचिका के जवाब में आरबीआई ने यह बात कही। मिश्रा ने दावा किया है कि जीपे भुगतान और निपटान कानून का उल्लंघन कर एक भुगतान प्रणाली प्रदाता के रूप में कार्य कर रहा है, जबकि उसके पास इस तरह के कार्यों के लिए देश के केंद्रीय बैंक से कोई वैध अनुमति नहीं है।
22 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
पीठ ने कहा कि मामले की विस्तृत सुनवाई की जरूरत है क्योंकि यह अन्य तीसरे पक्ष के एप को प्रभावित करता है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।