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RBI: आरबीआई अगस्त एमपीसी में वित्त वर्ष 26 के लिए मुद्रास्फीति लक्ष्य कम कर सकता है, रिपोर्ट में किया गया दावा

Mon, 04 Aug 2025 12:12 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 04 Aug 2025 12:12 PM IST
सार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आगामी अगस्त एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने मुद्रास्फीति के लक्ष्य को घटा सकता है। केयरएज रेटिंग्स की एक हालिया रिपोर्ट में यह कही गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की एमपीसी की बैठक 4 अगस्त से 6 अगस्त 2025 के बीच हो रही है। इसमें लिए गए फैसलों का एलान 6 अगस्त को होगा। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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RBI to lower inflation target for FY26 in upcoming August MPC, inflation to surge to 4.5% in FY27: Report
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा - फोटो : PTI

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आगामी अगस्त एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने मुद्रास्फीति के लक्ष्य को घटा सकता है। केयरएज रेटिंग्स की एक हालिया रिपोर्ट में यह कही गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की एमपीसी की बैठक 4 अगस्त से 6 अगस्त 2025 के बीच हो रही है। इसमें लिए गए फैसलों का एलान 6 अगस्त को होगा।

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रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 26 में औसतन 3.1 प्रतिशत के आसपास रह सकती है, जो आरबीआई के मौजूदा 3.7 प्रतिशत के अनुमान से काफी कम है। वित्त वर्ष 26 के कम आधार प्रभाव के कारण, वित्त वर्ष 27 में मुद्रास्फीति लगभग 4.5 प्रतिशत पर उच्च रहने की उम्मीद है।
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रिपोर्ट में कहा गया है, "एमपीसी मुद्रास्फीति लक्ष्य कम करेगी...वित्त वर्ष 26 में सीपीआई मुद्रास्फीति औसतन लगभग 3.1 प्रतिशत रहेगी। वित्त वर्ष 26 के निम्न आधार को देखते हुए, हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 27 में औसत सीपीआई मुद्रास्फीति अधिक, लगभग 4.5 प्रतिशत रहेगी।"
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रिपोर्ट के अनुसार, जून में मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति तेजी से घटकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई, जो उम्मीद से कम है और जनवरी 2019 के बाद से सबसे निचला स्तर है। मुद्रास्फीति में यह गिरावट मुख्य रूप से खाद्य कीमतों में निरंतर नरमी और पिछले वर्ष के अनुकूल आधार प्रभाव के कारण हुई।

आंकड़ों की बात करें तो सीपीआई श्रेणी में, खाद्य और पेय पदार्थ की कीमतों में कमी आई है। यह जून में साल-दर-साल आधार पर 0.2 प्रतिशत घटी। इसकी वजह सब्ज़ियों (-19 प्रतिशत), दालों (-12 प्रतिशत), मसालों (-3 प्रतिशत) और मांस (-1.6 प्रतिशत) की कीमतों में भारी गिरावट रही।

भविष्य की ओर देखते हुए, रिपोर्ट में बताया गया है कि बेहतर कृषि उत्पादन और निरंतर आधार प्रभाव समर्थन के कारण खाद्य मुद्रास्फीति नियंत्रित रहने की उम्मीद है। इस बीच, जून में मुख्य मुद्रास्फीति मामूली बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई, लेकिन रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यापक आधारित नहीं थी और मुख्य रूप से कीमती धातुओं की ऊँची कीमतों के कारण थी। सोने और चांदी को छोड़कर, मुख्य मुद्रास्फीति 3.5 प्रतिशत के अपेक्षाकृत कम स्तर पर है।


वैश्विक मांग में मंदी के बावजूद, रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम और व्यापार नीति में बदलाव कमोडिटी की कीमतों को प्रभावित करते रह सकते हैं। इसलिए, इन कारकों पर कड़ी नजर रखना जरूरी है। कुल मिलाकर, रिपोर्ट में आने वाली तिमाहियों में मुद्रास्फीति का माहौल अनुकूल रहने की उम्मीद है। हालांकि, अनुकूल आधार प्रभाव कम होने के कारण, वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत के स्तर को पार कर सकती है। सीपीआई मुद्रास्फीति के आरबीआई के मौजूदा वित्त वर्ष 26 के अनुमान से कम रहने की संभावना के कारण, केंद्रीय बैंक आगामी मौद्रिक नीति बैठक में अपने मुद्रास्फीति लक्ष्य को कम कर सकता है।

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