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Piyush Goyal: 'अर्थव्यवस्था में वृद्धि को गति देने के लिए दरों को घटाए RBI', बढ़ती महंगाई पर बोले पीयूष गोयल
Fri, 15 Nov 2024 06:21 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 15 Nov 2024 06:21 AM IST
सार
पीयूष गोयल ने महंगाई कम करने के लिए देश की अर्थव्यवस्था में रफ्तार देने की जरूरत का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास को रफ्तार देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई को ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए।
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पीयूष गोयल
- फोटो : ANI
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विस्तार
देश में बढ़ती महंगाई को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के सामने कुछ मांगे रखी है। जिसमें उन्होंने कहा कि विकास को रफ्तार देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई को ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दरों में कटौती का विकल्प चुनने के लिए खाद्य महंगाई पर विचार करना गलत सिद्धांत है। जिससे महंगाई दिसंबर में कम हो सकती है।
अर्थव्यवस्था को रफ्तार की जरूरत है- गोयल
गुरुवार को एक कार्यक्रम में गोयल ने कहा, खाद्य पदार्थों के दाम में तेजी से खुदरा महंगाई के प्रबंधन का कोई लेना-देना नही है। अब समय आ गया है, जब नीति निर्माता और मौद्रिक नीति समिति एक साथ तय करें कि क्या खाद्य पदार्थों के दाम को खुदरा महंगाई की गणना करने में शामिल किया जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि इस पर गंभीरता से चर्चा हो। अर्थव्यवस्था को रफ्तार की जरूरत है।
भारतीय स्टेट बैंक का कर्ज 0.05 फीसदी महंगा
मुंबई। भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई ने चुनिंदा अवधि वाले कर्ज की ब्याज दरों में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें शुक्रवार से लागू होंगी। बैंक ने बताया, एक साल के कर्ज की ब्याज दर अब 9 फीसदी होगी। बैंक ने तीन और छह महीने की अवधि वाले कर्जों को भी महंगा कर दिया है। हाल के समय में दो बार कर्ज महंगा किया है। इसका कारण जमा जुटाने के लिए ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा है।
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अर्थव्यवस्था को रफ्तार की जरूरत है- गोयल
गुरुवार को एक कार्यक्रम में गोयल ने कहा, खाद्य पदार्थों के दाम में तेजी से खुदरा महंगाई के प्रबंधन का कोई लेना-देना नही है। अब समय आ गया है, जब नीति निर्माता और मौद्रिक नीति समिति एक साथ तय करें कि क्या खाद्य पदार्थों के दाम को खुदरा महंगाई की गणना करने में शामिल किया जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि इस पर गंभीरता से चर्चा हो। अर्थव्यवस्था को रफ्तार की जरूरत है।
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भारतीय स्टेट बैंक का कर्ज 0.05 फीसदी महंगा
मुंबई। भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई ने चुनिंदा अवधि वाले कर्ज की ब्याज दरों में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें शुक्रवार से लागू होंगी। बैंक ने बताया, एक साल के कर्ज की ब्याज दर अब 9 फीसदी होगी। बैंक ने तीन और छह महीने की अवधि वाले कर्जों को भी महंगा कर दिया है। हाल के समय में दो बार कर्ज महंगा किया है। इसका कारण जमा जुटाने के लिए ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा है।
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