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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   RBI on GDP and Inflation FY2025-26: MPC lowers inflation aim to 2.6%, know what does it said on gdp

RBI MPC: आरबीआई एमपीसी की बैठक के बाद वृद्धि दर और महंगाई पर क्या बोले गवर्नर मल्होत्रा, यहां जानिए विस्तार से

Wed, 01 Oct 2025 01:00 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 01 Oct 2025 01:00 PM IST
सार

RBI MPC on GDP and Inflation: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को वृद्धि दर और महंगाई पर अहम टिप्पणी की। उन्होंने बाताया कि एमपीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को बदलकर 6.8% कर दिया। एमपीसी की बैठक के दौरान चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई के अनुमानों को भी संशोधित किया गया। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

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RBI on GDP and Inflation FY2025-26: MPC lowers inflation aim to 2.6%, know what does it said on gdp
आरबीआई गवर्नर - फोटो : RBI

विस्तार

भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को संशोधित कर 6.8% कर दिया। अगस्त में इसके 6.5% रहने का अनुमान लगाया गया था। अगले वर्ष की पहली तिमाही के लिए वृद्धि दर 6.4% रहने का अनुमान है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 26 के लिए भारत की तिमाही जीडीपी वृद्धि दर पहली तिमाही में 7.8%, दूसरी तिमाही में 7%, तीसरी तिमाही में 6.4% और चौथी तिमाही में 6.2% रहने का अनुमान लगाया है। फरवरी से अब तक कुल 100 आधार अंकों की कटौती के बाद, केंद्रीय बैंक ने रेपो दर को 5.5% पर अपरिवर्तित रखा। अगस्त में हुई पिछली एमपीसी बैठक में इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया था।

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महंगाई के बारे में बोलते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बुधवार को कहा कि मुद्रास्फीति में कमी आई है और वित्त वर्ष 2026 में इसके और कम होने की उम्मीद है। आरबीआई गवर्नर के अनुसार जीएसटी दरों में कटौती, खाद्य कीमतों पर अनुकूल दृष्टिकोण और आपूर्ति की बेहतर संभावनाओं महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिली है। हालांकि एमपीसी ने आगाह किया है कि भू-राजनीतिक तनाव और टैरिफ-संबंधी व्यापार व्यवधान महंगाई के प्रति दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकते हैं। 
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वित्त वर्ष 2026 के लिए आरबीआई ने मुख्य मुद्रास्फीति 2.6% रहने का अनुमान लगाया है। यह अगस्त में दिए गए अनुमान 3.1% के पूर्वानुमान से काफी कम है। जारी वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में महंगाई दर 1.8%, तीसरी तिमाही में 1.8%, चौथी तिमाही में 4% और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 4.5% रहने का अनुमान है।  आरबीआई ने यह भी कहा कि अगस्त में कोर मुद्रास्फीति मोटे तौर पर 4.2% पर बनी रही। यह आंकड़ा बताता है कि कीमतों पर दबाव काफी हद तक नियंत्रित रहे। भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 26 के लिए खुदरा महंगाई दर यानी सीपीआई पूर्वानुमान को 3.1% से घटाकर 2.6% कर दिया है।
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आरबीआई गवर्नर के अनुसार अर्थव्यवस्था के बदलते घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाने के बीच वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में मुद्रास्फीति धीरे-धीरे बढ़कर 4.5% होने की आशंका है। मल्होत्रा ने कहा, "एमपीसी ने पाया है कि खाद्य कीमतों में भारी गिरावट और जीएसटी दरों में सुधार के कारण पिछले कुछ महीनों में समग्र मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण और भी अनुकूल हो गया है।" भारत में खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में आठ साल के निचले स्तर 1.55% से बढ़कर अगस्त में 2.07% हो गई है। मुद्रास्फीति आरबीआई के 2-4% की सहनशीलता सीमा के भीतर रही है।"

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