फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   RBI June 2024 MPC: RBI rate-setting panel starts deliberations on monetary policy, decision on Friday

RBI June MPC: केंद्रीय बैंक के एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक शुरू, रेपो रेट पर फैसले का शुक्रवार को होगा एलान

Wed, 05 Jun 2024 08:16 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 05 Jun 2024 08:16 PM IST
सार

RBI June MPC: केंद्रीय बैंक ने पिछली बार फरवरी 2023 में रेपो दर बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत की थी और तब से उसने लगातार 7 बार रेपो रेट में यथास्थिति बनाए रखी है। एसबीआई के एक शोध पत्र के अनुसार, केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में कटौती के अपने मौजूदा रुख को जारी रखने की जरूरत है।

विज्ञापन
RBI June 2024 MPC: RBI rate-setting panel starts deliberations on monetary policy, decision on Friday
rbi june 2024 mpc meeting - फोटो : आरबीआई जून 2024 एमपीसी बैठक

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दर निर्धारण समिति ने अगली मौद्रिक नीति तय करने के लिए बुधवार को तीन दिवसीय बैठक शुरू की। यह बैठक 5 जून से शुरू होकर 7 जून 2024 तक चलेगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास शुक्रवार (7 जून 2024) को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की ओर से लिए गए फैसलों का एलान करेंगे।

विज्ञापन


जानकारों का मानना है कि केंद्रीय बैंक की ओर से इस बार भी नीतिगत दर (रेपो रेट) में कटौती की संभावना नहीं है, क्योंकि मुद्रास्फीति (महंगाई) अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। एमपीसी रेपो रेट में इसलिए भी कटौती से भी परहेज कर सकती है क्योंकि फरवरी 2023 से जारी 6.5 प्रतिशत की उच्च रेपो दर के बावजूद आर्थिक विकास दर मजबूत बनी हुई है।
विज्ञापन


केंद्रीय बैंक ने पिछली बार फरवरी 2023 में रेपो दर बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत की थी और तब से उसने लगातार 7 बार रेपो रेट में यथास्थिति बनाए रखी है। रेपो रेट से बैंकों की ईएमआई जुड़ी होती है। ऐसे में लोगों में यह जिज्ञासा है कि क्या इस बार मौद्रिक नीति समिति रेपो दर में कटौती करेगी? क्या लोगों को ईएमआई से राहत मिलेगी? एसबीआई के एक शोध पत्र के अनुसार, केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में कटौती के अपने मौजूदा रुख को जारी रखने की जरूरत है। 'एमपीसी बैठक से पहले' शीर्षक वाली रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में रेपो दर में कटौती करेगा और यह कटौती मामूली हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सीपीआई आधारित खुदरा मुद्रास्फीति मई में 5 प्रतिशत के करीब रहने की उम्मीद है (आंकड़े इस महीने के अंत में जारी किए जाएंगे) और उसके बाद जुलाई में घटकर 3 प्रतिशत रह जाएगी। इसमें कहा गया है कि मुद्रास्फीति अक्टूबर से शुरू होकर 2024-25 के अंत तक पांच प्रतिशत से नीचे रहने की उम्मीद है।


आरबीआई की एमसीसी बैठक से उम्मीदों पर हाउसिंग डॉट काम और प्रोप्टाइगर डॉट कॉम के सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है। 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 8.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर हासिल की। 2022-23 में यह 7 प्रतिशत थी। इसे देखते हुए उम्मीद की जाती है कि महंगाई के दबाव बीच केंद्रीय बैंक मौजूदा नीतिगत रुख बनाए रख सकता है। उन्होंने कहा, "इस साल दरों में कटौती की संभावना नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed