RBI गवर्नर का दावा: क्रेडिट कार्ड असुरक्षित लोन दर घटकर 23%; कार्रवाई से बैंकिंग-वित्तीय क्षेत्र पर संकट टला
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा यस बैंक में गड़बड़ियों पर हम 2016 से ही निगरानी कर रहे थे। आखिरकार 2018 में इसे बेलआउट कर बैंकिंग क्षेत्र में संभावित बड़े संकट को टाल दिया। उन्होंने कहा, कुल मिलाकर मुख्य मानदंड अच्छे दिख रहे हैं।
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आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि असुरक्षित कर्ज पर कार्रवाई नहीं करने से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में बड़ा संकट पैदा हो सकता था, जिसे हमने टाल दिया। दास ने बृहस्पतिवार को वित्तीय मजबूती पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा, यस बैंक में गड़बड़ियों पर हम 2016 से ही निगरानी कर रहे थे। आखिरकार 2018 में इसे बेलआउट कर बैंकिंग क्षेत्र में संभावित बड़े संकट को टाल दिया। उन्होंने कहा, कुल मिलाकर मुख्य मानदंड अच्छे दिख रहे हैं। लेकिन, कुछ ऋणदाताओं के बीच असुरक्षित कर्ज को बढ़ावा देने के लिए अंधी दौड़ में शामिल होने की मानसिकता के स्पष्ट सबूत हैं। अगर इन पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह एक बड़ी समस्या बन सकती हैं।
कार्रवाई का असर...क्रेडिट कार्ड श्रेणी में कर्ज वृद्धि घटकर अब 23 फीसदी
आरबीआई गवर्नर ने कहा, इस तरह की गतिविधियों पर केंद्रीय बैंक की कार्रवाई से असुरक्षित कर्ज में वृद्धि की रफ्तार धीमी हुई है और इसका वांछित प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, क्रेडिट कार्ड श्रेणी में असुरक्षित कर्ज की वृद्धि की रफ्तार घटकर 23 फीसदी रह गई है। आरबीआई की कार्रवाई से पहले वृद्धि की यह रफ्तार 30 फीसदी थी।
- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंक कर्ज देने की वृद्धि 29 फीसदी से घटकर 18 फीसदी रह गई है।
वित्तीय तंत्र अधिक मजबूत स्थिति में
दास ने कहा, तमाम चुनौतियों के बावजूद भारतीय वित्तीय तंत्र अब कोविड संकट के दौर में प्रवेश करने से पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। इसकी प्रमुख विशेषता मजबूत पूंजी पर्याप्तता, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का निम्न स्तर व बैंकों और गैर-बैंकिंग ऋणदाताओं की स्वस्थ लाभप्रदता है।
- आरबीआई ने 16 नवंबर, 2023 को गैर-जमानती कर्ज व एनबीएफसी को दिए जाने वाले ऋण पर जोखिम भार बढ़ा दिया था। इससे बैंकों को ऐसी परिसंपत्तियों पर अधिक मात्रा में पूंजी रखनी होगी।
- आरबीआई के मुताबिक, 2021 से 2023 के बीच असुरक्षित कर्ज का हिस्सा 30.91 फीसदी से बढ़कर 33.83 फीसदी पहुंच गया।