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आरबीआई का बुलेटिन में दावा: जीडीपी दबाव से बाहर, तेज विकास दर के लिए तैयार
Fri, 17 Sep 2021 07:45 AM IST
योगेश साहू
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 17 Sep 2021 07:45 AM IST
सार
रिजर्व बैंक के बुलेटिन में कहा गया है कि औद्योगिक उत्पादन और आपूर्ति दोनों मोर्चे पर तेज सुधार दिख रहा है। ऐसे में कोरोना काल के बीच इसे अर्थव्यवस्था में स्थिरता के संकेत कहा जा सकता है।
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आरबीआई
- फोटो : pixabay
विस्तार
संक्रमण की दूसरी लहर के दबाव से अर्थव्यवस्था पूरी तरह बाहर आ चुकी है। उत्पादन से आपूर्ति तक तेज सुधारों के बूते विकास दर अब रफ्तार पकड़ने को तैयार है। रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को जारी बुलेटिन में अर्थव्यवस्था के बड़े सुधारों का दावा किया। आरबीआई ने 2021-22 में 9.5 फीसदी की विकास दर का अनुमान जताया है।
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आरबीआई ने सितंबर महीने के बुलेटिन में बताया कि अप्रैल में संक्रमण की दूसरी लहर के बाद युद्धस्तर की तैयारियों और सरकार के उठाए कदमों से हम दबाव को पीछे छोड़ने में कामयाब रहे। मांग में भी लगातार सुधार आ रहा है, जबकि आपूर्ति के मोर्चे पर औद्योगिक उत्पादन व बुनियादी उद्योगों के प्रदर्शन में मजबूती आई है। सेवा क्षेत्र भी विस्तार की राह पर है, जो अर्थव्यवस्था में आ रही स्थिरता को दर्शाता है।
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सात बड़ी चुनौतियों से निपटना जरूरी
- 2016 में नोटबंदी और 2017 में जीएसटी से जूझ रहे एमएसएमई का बाजार बड़े उद्योग हथिया रहे हैं।
- पिछले दो साल में हुए घाटे की भरपाई करना बड़ी चुनौती है।
- वी आकार के सुधार को कोविड पूर्व स्तर तक ले जाना ही काफी नहीं होगा। 8% विकास दर के लिए कई स्तरों पर काम करना होगा।
- शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की खाई बढ़ रही है। सामाजिक सुरक्षा के बिना पूर्ण सुधार संभव नहीं।
- केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरें काफी नीचे रखी हैं, इससे जमाकर्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा।
- अफगानिस्तान के राजनीतिक संकट का आर्थिक असर भी हो सकता है।
- त्योहारों से पहले अनाज के दाम स्थिर रखना बेहद जरूरी होगा।
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