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रेलवे नहीं करेगा फ्लेक्सी फेयर स्कीम को बंद, प्रीमियम ट्रेनों के यात्रियों को लग सकता है बड़ा झटका

Wed, 22 Aug 2018 12:07 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 22 Aug 2018 12:07 PM IST
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railway not to close flexi fare scheme in premium trains
रेल यात्रियों को जल्द ही बड़ा झटका लगने जा रहा है। प्रीमियम ट्रेनों में शुमार शताब्दी, राजधानी और दूरंतो में यात्रा करने वाले यात्रियों को फिलहाल फ्लेक्सी फेयर स्कीम से राहत मिलने के आसार कम है। रेलवे बोर्ड ने हाल ही में एक रिपोर्ट रेल मंत्री पीयूष गोयल को सौंपी है। इस रिपोर्ट में फ्लेक्सी फेयर स्कीम को चालू रखने की सिफारिश की गई है। 
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168 ट्रेनों में लागू है फ्लेक्सी फेयर स्कीम

देश में फिलहाल 168 ऐसी प्रीमियम ट्रेनें हैं, जिनमें फ्लेक्सी फेयर स्कीम लागू है। केवल दूरंतो में शयनयान श्रेणी भी है, बाकी सभी में केवल वातानुकूलित चेयरकार, प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी हैं। इनमें से केवल दूरंतो में शयनयान श्रेणी में ही सबसे ज्यादा सीटें बुक हुई हैं। 
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सीएजी ने उठाए थे सवाल

हाल में रेलवे की फ्लेक्सी फेयर स्कीम को लेकर के सीएजी ने भी अपनी संसद में पेश रिपोर्ट में सवाल उठाए थे। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फ्लेक्सी फेयर के लागू होने से रेलवे की आय तो बढ़ गई है, लेकिन काफी सीटें खाली रहती हैं। इससे 2.65 फीसदी यात्री पहले की तुलना में कम हो गए हैं। 
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यह हो सकता है बदलाव

railway not to close flexi fare scheme in premium trains

रेलवे जल्द ही शताब्दी, राजधानी और दुरंतो में सफर करने वाले यात्रियों को सौगात दे सकता है। इसके अनुसार फ्लेक्सी फेयर वाली ट्रेनों में हमसफर ट्रेनों का किराया मॉडल लागू किया जा सकता है। फ्लेक्सी फेयर और हमसफर ट्रेनों के किराये मॉडल में काफी अंतर है।

हमसफर ट्रेनों में 50 फीसदी सीटों पर किराया सामान्य रहता है। रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैफिक) मोहम्मद जमशेद ने संकेत देते हुए कहा कि शेष बची 50 फीसदी बर्थ की बुकिंग के साथ 10-10 फीसदी किराया बढ़ता जाएगा।

वहीं फ्लेक्सी फेयर में हवाई जहाज की तरह दिन कम होने के साथ-साथ किराया बढ़ता जाता है। मतलब अगर यात्री एक महीने पहले टिकट बुक कराता है तो फिर सामान्य किराये में टिकट बुक होगा, लेकिन 2 दिन पहले टिकट बुक करने पर ज्यादा पैसा देना ही होगा, चाहे ट्रेन में ज्यादातर सींटे खाली हों।  

खत्म हो जाएगा ट्रेनों में एसी टू कोच

भारतीय रेलवे जल्द ही ट्रेनों में एसी टू कोच को खत्म करने का फैसला लेने जा रहा है। हालांकि अभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में लगे एसी टू कोच को कम नहीं किया जाएगा। रेलवे के प्लान के अनुसार, शुरुआत में राजधानी और दुरंतो में लगे एसी टू कोच को पूरी तरह से हटा देगा।

इसकी जगह पर थर्ड एसी कोच की संख्या को बढ़ाया जाएगा। रेलवे के इस फैसले से 50 राजधानी ट्रेनों में एसी-3 की 14 हजार से अधिक अतिरिक्त बर्थ का इंतजाम होगा जिसका  सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा।

एसी थर्ड क्लास में सेकंड क्लास की तुलना में ज्यादा मुसाफिर यात्रा करते हैं और वो रेलवे को मुनाफा भी अधिक देता है। एसी थर्ड क्लास के अलावा अन्य सभी आरक्षित क्लास घाटे में हैं। रेलवे की 2018-19 में 1 हजार नए एसी 3 कोच बनाने की योजना है, जो एक रिकॉर्ड है। पिछले साल रेलवे ने 778 एसी 3 टियर कोच बनाए थे। 

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