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अब बढ़े आलू के भाव, कम उत्पादन के बाद पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम ने लगाई आग

Mon, 28 May 2018 03:26 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 28 May 2018 03:26 PM IST
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potato prices rises due to low production and higher petrol diesel cost
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और कम उत्पादन होने से आलू के भाव में आग लग गई है। फुटकर बाजार में आलू की कीमत कई अन्य सब्जियों को भी मात देने लगी है। बाजार में इससे सस्ती प्याज, टमाटर जैसी सब्जियां हैं। फिलहाल थोक बाजार में भी आलू का दाम काफी बढ़ गया है। इससे किसानों के बजाए आढ़तियों के चेहरे पर खुशी है, लेकिन आम जनता पर तिहरी मार पड़ने लगी है। 
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भाव 20-30 रुपये किलो के बीच
फुटकर मार्केट में आलू का भाव 20 से 30 रुपये प्रति किलो के बीच पहुंच गया है। थोक मंडियों में आलू 15 रुपये किलो तक बिक रहा है। हालांकि अभी दाम केवल बड़े शहरों में काफी बढ़ गए हैं, लेकिन छोटे शहर में इसकी कीमत अभी भी दायरे में है।  
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दो साल से औंधे मुंह था दाम
पिछले दो साल से आलू के भाव औंधे मुंह थे। इस वजह से किसानों ने इस बार बुवाई कम की। इसके साथ ही गुणवत्ता भी अच्छी नहीं रही, क्योंकि किसानों ने पुराने आलू को ही बीज के तौर पर इस्तेमाल किया था। 
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केंद्र सरकार की फिक्र बढ़ी

potato prices rises due to low production and higher petrol diesel cost
पिछले साल दिसंबर आलू का दाम यूपी में 20 पैसे प्रति किलो तक पहुंच गया था, जिसके चलते किसानों की लागत भी नहीं निकल रही थी। मजबूरी में किसान सड़क पर आलू फेंक रहे थे और कोल्ड स्टोरेज से भी नहीं उठा रहे थे। वहीं 6 महीने में दाम में काफी इजाफा हो गया है। इससे केंद्र सरकार की चिंता काफी बढ़ गई है। 

आलू बेल्ट में कम हुई बुवाई
यूपी के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, एटा, औरेया, कानुपर देहात, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, कन्नौज आदि जिले आलू बेल्ट के नाम से मश्हूर हैं। इन जिलों में जो आलू होता है उसको सबसे बेस्ट क्वालिटी का माना जाता है। देश भर के कई राज्यों में यहीं से आलू की सप्लाई होती है। यहीं से देश के कई भागों में आलू की सप्लाई होती है। इस बार यहां पर किसानों ने कम उत्पादन किया है। उत्तर प्रदेश, देश में आलू का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। उत्तर प्रदेश में पिछले साल 1.6 करोड़ टन आलू का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 487 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा की थी। राज्य सरकार ने राज्य के 25 लाख आलू उत्पादकों की मदद के लिए करीब 1 लाख मीट्रिक टन आलू की खरीद भी की थी।

अन्य राज्यों में भी उत्पादन कम
यूपी के अलावा हिमाचल, उत्तराखंड और गुजरात में भी आलू का उत्पादन इस साल काफी कम हुआ है। पंजाब और यूपी में आलू की 20 फीसदी फसल खराब भी हो गई है, जिसने कोढ़ में खाज का काम किया है। 
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