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7.5 फीसदी रहेगी भारत की विकास दर, पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद का अनुमान
Fri, 25 Jan 2019 07:04 PM IST
paliwal पालीवाल
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Fri, 25 Jan 2019 07:04 PM IST
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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने शुक्रवार को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले कुछ सालों में 7 से 7.5 प्रतिशत के दायरे में रहने की उम्मीद है। परिषद ने शुक्रवार को हुई अपनी बैठक में इस पर गौर करते हुये कहा कि सुधारों को आगे बढ़ाकर ढांचागत क्षेत्र की समस्याओं को दूर कर आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को एक प्रतिशत और बढ़ाया जा सकता है।
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केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में वर्ष 2018- 19 के लिये आर्थिक वृद्धि की दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि परिषद का मानना है कि राजकोषीय अनुशासन के तय लक्ष्य से दूर नहीं हुआ जा सकता है लेकिन इसके साथ ही सामाजिक क्षेत्र में ध्यान देना भी जरूरी है।
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परिषद का कहना है कि अर्थव्यवस्था के वृहद आर्थिक कारक मजबूत बने हुये हैं लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं। इनमें कई चुनौतियां ढांचागत क्षेत्र से जुड़ी हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘विश्व अर्थव्यवस्था की आर्थिक वृद्धि के लिये बहुत अच्छी संभावनायें नजर नहीं आ रही हैं, खासतौर से विकसित देशों में इसकी संभावनायें बेहतर नहीं है जबकि उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि के लिये काफी गुंजाइश दिखती है।’’
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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने कहा, ‘‘वैश्विक घटनाक्रमों से भारत अछूता नहीं है, फिर भी भारतीय अर्थव्यवस्था के अगले कुछ साल तक 7 से 7.5 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ने की उम्मीद है।’’
बैठक के दौरान परिषद ने कृषि क्षेत्र की समस्याओं, निवेश के रूझान, राजकोषीय मजबूती, ब्याज दर प्रबंधन और रिण एवं वित्तीय बाजारों से जुड़े मुद्दों पर भी गौर किया गया। परिषद का मानना है कि कच्चे तेल के दाम में उठापटक के बावजूद रिजर्व बैंक ने रुपये का प्रबंधन बेहतर ढंग से किया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऐसे संकेत हैं कि वित्तीय बचत बढ़नी शुरू हो गई है और निजी क्षेत्र के बैंकों से सेवा क्षेत्र को रिण उठाव में तेजी आने लगी है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद एक स्वतंत्र समूह है जो कि सरकार और विशेषकर प्रधानमंत्री को आर्थिक और इससे जुड़े तमाम मुद्दों पर अपनी सलाह देता है।