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PLI: 'पीएलआई योजना से विनिर्माण को मिला बड़ा फायदा, 12 लाख लोगों को मिला रोजगार', सरकार ने जारी किए आंकड़े

Sat, 13 Dec 2025 04:44 AM IST
नितिन गौतम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 13 Dec 2025 04:44 AM IST
सार

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पीएलआई योजना के तहत सितंबर तक 14 क्षेत्रों में दो लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया और विनिर्माण सेक्टर में इस योजना के चलते 18.7 लाख करोड़ से अधिक का अतिरिक्त उत्पादन हुआ। वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने देश में विनिर्माण केंद्र स्थापित किए हैं। 

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PLI scheme is a key driver of manufacturing providing employment to 12 lakh people says government data
पीएलआई योजना - फोटो : पीटीआई

विस्तार

उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) विनिर्माण विस्तार, निवेश व निर्यात वृद्धि का प्रमुख चालक बनकर उभरी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में इस योजना के ठोस लाभ दिखे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल सितंबर तक पीएलआई योजनाओं से 14 क्षेत्रों में 2 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश हुआ है।
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पीएलआई योजना से दिखा बड़ा अंतर
आंकड़ों के अनुसार, दो लाख करोड़ रुपये के निवेश से 18.7 लाख करोड़ से अधिक का अतिरिक्त उत्पादन व बिक्री हुई है। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 12.6 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। क्षमता निर्माण और आयात के क्षेत्रों में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। फार्मा व चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में पीएलआई कार्यक्रम ने घरेलू मांग और विनिर्माण क्षमता के बीच के अंतर को कम किया है। चिकित्सा उपकरण योजना के तहत 21 मंजूर परियोजनाओं ने 54 विभिन्न उपकरणों का उत्पादन शुरू किया है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्रों में दिखी वृद्धि
इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्रों में भी समान रूप से तेज वृद्धि देखी गई है। घरेलू मोबाइल फोन उत्पादन वित्त वर्ष 2014-15 में 18,000 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह 28 गुना वृद्धि है। दूरसंचार क्षेत्र में आयात प्रतिस्थापन लगभग 60 प्रतिशत तक हासिल कर लिया गया है। इससे भारत एंटिना, जीपीऑन उपकरण और ग्राहक परिसर उपकरण जैसे उत्पादों में काफी हद तक आत्मनिर्भर हो गया है। वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने देश में विनिर्माण केंद्र स्थापित किए हैं। इससे भारत 4जी और 5जी दूरसंचार उपकरणों के मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण निर्यातक के रूप में खुद को स्थापित करने में सफल हुआ है।
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घरेलू सामानों में 10,478 करोड़ से अधिक के निवेश की है उम्मीद
घरेलू सामान में, एयर कंडीशनर और एलईडी लाइटों के लिए योजना के तहत स्वीकृत 84 कंपनियों के 10,478 करोड़ के निवेश की उम्मीद है। इससे घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूती मिलेगी। पीएलआई योजनाओं के तहत 12 क्षेत्रों को 23,946 करोड़ के प्रोत्साहन वितरित किए जा चुके हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी हार्डवेयर, थोक औषधियां, चिकित्सा उपकरण, फार्मा, दूरसंचार व नेटवर्किंग उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, विशेष स्टील, वस्त्र व ऑटोमोबाइल और ऑटो घटक शामिल हैं।


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माल निर्यात में भी मजबूती
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अप्रैल से अक्तूबर 2025 के बीच माल निर्यात में मजबूती रही। अमेरिका, यूएई व चीन जैसे बाजारों में स्मार्टफोन व उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग के चलते इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्यात में 41.94 प्रतिशत वृद्धि हुई। चावल, फल, मसाले, कॉफी और समुद्री उत्पादों सहित कृषि निर्यात में स्थिर वृद्धि रही। नाइजीरिया व अमेरिका जैसे देशों की मांग के चलते दवा निर्यात में 6.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई।



 
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