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petrol diesel under gst: पेट्रोल-डीजल: क्या जल्द सस्ता होगा तेल? जीएसटी परिषद की अगली बैठक में होगी चर्चा

Wed, 24 Mar 2021 01:34 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Wed, 24 Mar 2021 01:34 PM IST
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petrol diesel under gst Nirmala Sitharaman Ready To Consider Bringing Petrol Diesel Into Gst discussion in Gst Council
निर्मला सीतारमण: पेट्रोल डीजल - फोटो : पीटीआई

बीते दिनों पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आसमान छुआ। 24 दिनों के बाद आज सरकारी तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। डीजल 17 और पेट्रोल 18 पैसे सस्ता हुआ है। लेकिन तेल की कीमत अब भी बहुत ज्यादा है। आम लोग और विपक्ष इसका विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उच्च टैक्स की वजह से देश में तेल की कीमत अधिक है। इसके मद्देनजर पेट्रोल व डीजल पर ऊंची कर दरों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की अगली बैठक में पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के सुझाव पर चर्चा होगी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2021 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल पर केंद्र के साथ-साथ राज्यों में भी कर लगाया जाता है। वहीं केंद्र सरकार अपने कर संग्रह में से राज्यों को भी उनका हिस्सा देती है। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की अगली बैठक में यदि इस पर चर्चा होती है तो इसे एजेंडा में शामिल करने और इस पर चर्चा करने पर मुझे प्रसन्नता होगी। जीएसटी के मामले में जीएसटी परिषद सर्वोच्च नीति निर्णय लेने वाली संस्था है। वित्त मंत्री जीएसटी परिषद का नेतृत्व करतीं हैं जबकि राज्यों के वित्त मंत्री इसके सदस्य हैं।
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वित्त मंत्री पहले भी पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर बयान दे चुकी हैं। सीतारमण ने कहा था कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार को बैठकर बात करनी होगी क्योंकि तेल पर दोनों सरकारों द्वारा टैक्स वसूला जाता है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार को पेट्रोलियम पर राजस्व प्राप्त होता है, तो इसका करीब 41 फीसदी हिस्सा राज्यों के पास जाता है।
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तेल से कितनी जेब भर रही है सरकार?
इससे पहले सरकार ने लोकसभा में कहा था कि पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी, सेस और सरचार्ज से मोटी कमाई होती है। सरकार ने यह स्वीकार किया था कि छह मई 2020 के बाद से एक लीटर पेट्रोल से 33 रुपये का मुनाफा हो रहा है। वहीं एक लीटर डीजल से सरकार को 32 रुपये की कमाई हो रही है। जबकि मार्च 2020 से पांच मई 2020 के बीच उसकी ये आय क्रमशः 23 रुपये और 19 रुपये प्रति लीटर थी। ऐसे में अब तेल की कीमतों में भारी टैक्स में कटौती की मांग उठ रही है। 

आज दिल्ली में पेट्रोल का दाम 90.99 रुपये जबकि डीजल का दाम 81.30 रुपये प्रति लीटर है। वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमत 97.40 रुपये व डीजल की कीमत 88.42 रुपये प्रति लीटर है।


एक जुलाई 2017 को जब जीएसटी लागू हुआ था तो केंद्र व राज्य सरकारों ने अपने राजस्व के मद्देनजर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा था। इस पर केंद्र सरकार व राज्य सरकारें अपने-अपने यहां अलग-अलग कर लगाती हैं और उससे आने वाला पैसा सरकारी खजाने में जाता है।

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