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कच्चे तेल की कीमतों ने लगाई आग, पेट्रोल-डीजल पहुंचे सबसे उच्च स्तर पर

Wed, 27 Dec 2017 03:10 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 27 Dec 2017 03:10 PM IST
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petrol diesel prices on highest as crude crosses 66 dollar mark
petrol pump

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है। ब्रेंट क्रूड 66 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है, जिसकी आंच देश में भी दिखने लगी है। देश में पेट्रोल-डीजल के दाम अक्टूबर के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से रसोई गैस के दाम भी बढ़ने की संभावना बन गई है। 

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65 के करीब पहुंचा डीजल
देश में डीजल और पेट्रोल के दामों में अब ज्यादा अंतर नहीं रह गया है। सरकार द्वारा टैक्स में कटौती के बाद भी कीमतों में किसी तरह की कोई राहत आम जनता को नहीं मिली है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में डीजल की कीमतें 3 अक्टूबर के बाद ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।  
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27 दिसंबर को मुंबई में एक लीटर डीजल 62.85 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। देश के अन्य शहरों जैसे कि दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में भी डीजल सितंबर 2014 के बाद से अपने उच्च स्तर पर हैं। 

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78 के करीब पेट्रोल

petrol diesel prices on highest as crude crosses 66 dollar mark

मुंबई में आज पेट्रोल 77.62 रुपये पर है। वहीं दिल्ली में 69.72 रुपये, चेन्नई में 72.26 रुपये और कोलकाता में 72.47 रुपये बिक रहा है। इस हिसाब से देखा जाए तो पेट्रोल और डीजल के रेट में करीब 15 रुपये का अंतर है। दोनों उत्पादों में धीरे-धीरे यह अंतर काफी कम होता जा रहा है। 

6 महीने में 42 फीसदी बढ़ा कच्चा तेल
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की दो प्रमुख वजह हैं। पहला ओपेक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती करना और दूसरा अमेरिका ने कटौती के बाद बढ़ रही डिमांड को पूरा करने के लिए उत्पादन न बढ़ाना प्रमुख कारण है। कच्चे तेल की कीमतें पिछले 6 महीने के दौरान 42 फीसदी बढ़ चुकी हैं।

जीएसटी में कब होगा शामिल 
अब लोगों को इंतजार है कि पेट्रोल-डीजल को कब जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा। जीएसटी में शामिल करने पर राज्य सरकारों पर राय नहीं बन पा रही है, जब केंद्र और 19 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं।

हालांकि केंद्र सरकार राज्यों को इसके लिए मनाने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक इसमें पूरी तरह से सहमति नहीं मिल पाई है। अगर पेट्रोल-डीजल के दाम यू हीं बढ़ते रहे तो फिर आरबीआई को भी रेट कट करने में परेशानी होगी। 

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