झटकाः कच्चे तेल पर दोहरी मार से बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
- सऊदी अरब की आपूर्ति घटने और अमेरिका में तेल खुदाई कम होने का दिखेगा असर
- 6.35 लाख बीपीडी तेल की कटौती करेगी सरकारी कंपनी सऊदी अरामको
- 09 तेल के कुओं में उत्पादन बंद हो चुका है अमेरिका में फरवरी से अब तक
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों में अगले महीने से और उछाल आ सकता है। एक तरफ सऊदी अरब ने वादे के खिलाफ जाते हुए अप्रैल से ही तेल आपूर्ति में कटौती का एलान किया है तो दूसरी ओर अमेरिका में तेल खुदाई का कार्य धीमा हो रहा है। इस दोतरफा मार से क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने के पूरे आसार हैं।
भारत की ओर से कीमतों पर लगाम कसने की मांग के बीच सऊदी अरब ने सोमवार को कहा कि वह कीमतों को अपने मुफीद बनाने के लिए अप्रैल से तेल निर्यात में कटौती की योजना बना रहा है। इसे मौजूदा स्तर से घटाकर 70 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) से नीचे लाने के साथ ही कुल तेल उत्पादन को भी घटाकर 1 करोड़ बीपीडी से नीचे लाया जाएगा।
सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने बताया कि वह अप्रैल से आपूर्ति 70 लाख बीपीडी से कम पर लाएगी जो उसके ग्राहकों की मांग 76 लाख बीपीडी से 6.35 लाख बीपीडी कम होगा। सऊदी अरब ने पहले जून से कटौती की बात कही थी, जिसके लिए 17-18 अप्रैल को वियना में ओपेक और सहयोगी देशों की बैठक होनी थी।
अमेरिका में घटे तेल के कुएं
अभी तक अमेरिका ने अपना उत्पादन बढ़ाकर क्रूड की कीमतों को काफी हद तक काबू में रखा है, लेकिन वहां तेल खुदाई के कार्य में लगातार गिरावट आने से उत्पादन प्रभावित होने के आसार हैं। अमेरिकी ऊर्जा सेवा फर्म बेकर ह्यूग्स के अनुसार, नए तेल के कुएं की खुदाई बंद हो गई है और इसकी संख्या घटकर 834 आ गई।
पिछले कुछ दिनों में 9 तेल कुएं बंद हुए हैं। फरवरी में अमेरिका का उत्पादन 20 लाख बीपीडी बढ़कर 1.21 करोड़ बीपीडी के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का मानना है कि अमेरिका का उत्पादन जल्द बढ़कर 1.30 करोड़ बीपीडी पहुंच जाएगा।
महंगा हो गया क्रूड ऑयल
इन दोनों कारकों के असर से सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम 0.5 फीसदी तक बढ़ गए। यह 30 सेंट महंगा होकर 65.04 डॉलर प्रति बैरल रहा। घरेलू बाजार में भी इसका असर दिखा और दिल्ली में पेट्रोल के दाम 15 पैसे बढ़कर 72.46 रुपये लीटर जबकि मुंबई में 78.09 रुपये लीटर पहुंच गए।
इधर, घरेलू उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
सरकार ने तेल एवं गैस खोज के क्षेत्र में निजी और विदेशी निवेश आकर्षित करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए नीति में बड़े बदलाव किए हैं। अब सरकार कम खोज वाले ब्लॉक में निवेशक द्वारा तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने पर उस लाभ में कोई हिस्सा नहीं मांगेगी।
अनुबंध व्यवस्था की ढाई दशक पुरानी नीति में बदलाव करते हुए कहा गया कि कंपनियों को श्रेणी-एक के अंतर्गत आने वाले अवसादी बेसिन से होने वाली आय का एक हिस्सा देना होगा, जबकि कम खोज वाले श्रेणी-दो और तीन पर मौजूदा दर से रॉयल्टी ली जाएगी। कंपनी को बाजार के अनुरूप उत्पाद के विपणन और मूल्य निर्धारण की आजादी होगी, लेकिन निर्यात नहीं कर सकेंगी।