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Income Tax: लोग इंतजार करते रह गए पर नहीं बढ़ी आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख, जानिए अब क्या विकल्प बचे
Thu, 01 Aug 2024 02:19 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 01 Aug 2024 02:19 PM IST
सार
Income Tax: देरी से रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को धारा 234ए के तहत 31 जुलाई से आईटीआर फाइल करने की तारीख तक बकाया कर राशि पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि आप 30 नवंबर को अपना आईटीआर फाइल करते हैं, तो देय कर पर ब्याज 1 अगस्त से 30 नवंबर तक यानी आईटीआर फाइल करने की तारीख वसूली जाएगी।
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आयकर रिटर्न
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
वित्तीय वर्ष 2023-24 में हुई कमाई से जुड़ा आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2024 थी। 31 जुलाई को लोग आयकर विभाग की ओर से रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने का इंतजार करते रह गए, लेकिन आखिरकार तारीख नहीं बढ़ी। दूसरी ओर, सरकार ने बुधवार की रात शाम सात बजे तक रिटर्न फाइल करने वालों का आंकड़ा जारी कर दिया। ऐसे में यह तय हो गया कि जो लोग अपना रिटर्न 31 जुलाई 2024 तक दाखिल नहीं कर पाए हैं, उन्हें आज यानी 01 अगस्त से जुर्माने के साथ ऐसा करना पड़ेगा।
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31 जुलाई को शाम 7 बजे तक फाइल हुए 50 लाख रिटर्न
आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार शाम सात बजे तक सात करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने आधिकारिक हैंडल के जरिए यह जानकारी साझा की। विभाग ने लिखा, 'अब तक (31 जुलाई) सात करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें से 50 लाख से ज्यादा आईटीआर 31 जुलाई को शाम सात बजे तक दाखिल किए गए हैं।'
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करदाताओं की सेवा के लिए 24x7 काम कर रहे: आयकर विभाग
विभाग ने बताया कि आईटीआर दाखिल करने, कर भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए हमारा हेल्पडेस्क 24x7आधार पर काम कर रहा है। हम कॉल, लाइव चैट, वेबएक्स सेशन और एक्स के जरिए करदाताओं को सहायता प्रदान कर रहे हैं। विभाग ने कहा, "हम इस मुकाम तक पहुंचने में हमारी मदद करने के लिए करदाताओं और कर पेशेवरों का आभार व्यक्त करते हैं। हम आग्रह करते हैं जिन्होंने कर निर्धारण वर्ष 2024-25 यानी वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आईटीआर दाखिल नहीं किया है, वे अपना आईटीआर दाखिल कर लें। जिन करदाताओं को अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना है उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी। ऐसे में अब तक जिन लोगों ने आईटीआर दखिल नहीं किए हैं उन्हें क्या नुकसान उठाना पड़ेगा यह जान लीजिए।
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नई कर व्यवस्था हो जाएगी डिफॉल्ट, लगेगा 5000 जुर्माना: सीए शुभम सिंघल
आगर आपने आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन मिस कर दी है तो एक अगस्त से नई कर व्यवस्था आपके लिए डिफॉल्ट मानी जाएगी। अब यदि आप 31, 2024 दिसंबर तक विलंबित आईटीआर दाखिल करते हैं, तो भी कर गणना के लिए आप पुरानी कर व्यवस्था का विकल्प नहीं चुन पाएंगे। अमर उजाला से बातचीत में चार्टर्ड अकाउंटेंट शुभम सिंघल ने बताया कि यदि आप आयकर रिटर्न दाखिल करने की 31 जुलाई की समय सीमा से चूक गए हैं, तो भी आपके पास 31 दिसंबर तक इसे फाइल करने का विकल्प बचा है। हालांकि उसके लिए अब आपको 5,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। छोटे करदाताओं जिनकी कुल आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं है, उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी और उनके लिए अधिकतम जुर्माना 1,000 रुपये होगा। आमदनी पांच लाख से अधिक होने पर करदाताओं को 5000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ेगा।
नहीं मिलेगी अपना नुकसान कैरी फॉरवर्ड करने की सुविधा
इसके अलावे, देरी से रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को धारा 234ए के तहत 31 जुलाई से आईटीआर फाइल करने की तारीख तक बकाया कर राशि पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि आप 30 नवंबर को अपना आईटीआर फाइल करते हैं, तो देय कर पर ब्याज 1 अगस्त से 30 नवंबर तक यानी आईटीआर फाइल करने की तारीख वसूली जाएगी। सिंघल के अनुसार देरी से रिटर्न दाखिल करने वाले करदाता कुछ अन्य लाभों को भी हासिल नहीं कर पाएंगे। जैसे वे अब अपने नुकसान को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे। विशेष रूप से कारोबार और पूंजीगत नुकसान वाले व्यक्तियों के लिए यह स्थिति हानिकारक हो सकती है।
पिछले साल 6.77 करोड़ रिटर्न दाखिल हुए थे
पिछले वर्ष यानी 31 जुलाई, 2023 तक आकलन वर्ष 2023-24 (वित्त वर्ष 2022-23) के लिए दाखिल किए गए आईटीआर की कुल संख्या 6.77 करोड़ से अधिक थी। 31 जुलाई, 2023 को 64.33 लाख से अधिक आईटीआर दाखिल किए गए थे।