Dhanteras: धनतेरस पर बर्तन बाजार में रौनक कम, क्या ई-कॉमर्स कंपनियों की मार्केटिंग दुकानदारों पर पड़ी भारी?
Dhanteras: बर्तन बाजार के जानकारों के अनुसार सोने-चांदी की तुलना में बर्तनों की कीमतें स्थिर हैं, बीते दो सालों में बर्तनों की कीमतों में कोई बड़ा इजाफा नहीं हुआ है। बावजूद इसके इस साल धनतेरस और दिवाली की खरीदारी में लोगों का उत्साह बीते वर्ष की तुलना में कम है। आइए समझते हैं इसका कारण क्या है?
विस्तार
धनतेरस और दिवाली को लेकर बाजार सज चुके है। कपड़ो और इलेक्ट्रॉनिक से लेकर धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषणों और बर्तनों की दुकानों पर काफी भीड़ देखने को मिलती है्र लेकिन इस साल भीड़ थोड़ी कम है। धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषणों और सक्कों से लेकर बर्तनों की खरीदारी को शुभ माना जाता है। मुंबई का भुलेश्वर बाजार जो कि बर्तन के कारोबार के लिए जाना जाता है, वहां इस साल खरीदारी पिछले साल की तुलना में सुस्त है। पिछले साल बिक्री में 40 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ था, इस बार यह आंकड़ा 30% तक रह सकता है। स्टेनलेस स्टील एसोसिएशन के अनुसार बर्तनों की कीमतें सोने-चांदी की तुलना में स्थिर हैं।
धनतेरस-दिवाली से पहले सजे बाजार
धनतेरस और दिवाली को लेकर बाजार सज चुके हैं। आमतोर पर कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक से लेकर धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषणों और बर्तनों की दुकानों पर काफी भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन इस साल भीड़ थोड़ी कम है। धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषणों और सक्कों से लेकर बर्तनों की खरीदारी को शुभ माना जाता है। मुंबई के भुलेश्वर के बाजार जो कि बर्तन के बाजार के लिए जाना जाता है, वहां इस साल उतनी खरीदारी नहीं है जो पिछले साल थी। पिछले साल की तुलना में इस साल बर्तनों की खरीदारी 30 तक प्रतिशत तक देखने को मिल रही है। पिछले साल बिक्री 40 प्रतिशत से अधिक हुई थी। स्टेनल स्टील एसोसिएशन के अनुसार बर्तनों की कीमतें सोने चांदी की तुलना में स्थिर है। बावजूद इसके बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं है। इस साल 30 प्रतिशत के अंदर ही बिक्री होने की उम्मीद है। इसकी बड़ी वजह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी भरकम छूट और ऑफर है। जिसके बाद लोग बाजार में नहीं आ रहे हैं।
ई-कॉमर्स कंपनियों की भारी छूट के कारण रिटेल-होलसेल बाजार से दूर जा रहे ग्राहक
स्टेनलेस स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष अमृत शाह बताते हैं कि सोने-चांदी की तुलना में बर्तनों की कीमतें स्थिर हैं, बीते दो सालों में बर्तनों की कीमतों में कोई भारी उछाल नहीं आया है। बावजूद इसके इस साल धनतेरस और दिवाली की खरीदारी में कोई बढ़ा उछाल देखने को नहीं मिल रहा है। पिछले साल धनतेरस और दिवाली पर 40 प्रतिशत से अधिक बिक्री हुई थी। इस साल 10 प्रतिशत कम होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ई-कॉर्मस प्लेटफॉर्म भारी छूट की वजह से भी रिेटेल और होलसेल बाजार पर प्रभाव पड़ा है। इस साल 25 से 30 प्रतिशत तक बिक्री होने की संभावना है। इसके अलावा शादी ब्याह के लिए बिक्री की उम्मीद होलसेल बाजारों को अभी से सता रही है। एक अन्य कारोबारी शुभास महेता बताते हैं कि ऑनलाइन की वजह से होलसेल और रिटेल कारोबार काफी प्रभावित हो गया है। दिवाली और धनतेरस की खरीदारी केवल छोटे स्तर पर सिकुड़ कर रह गई है। लोग पूजा के लिए छोटे बर्तनों की खरीदारी के लिए आते हैं। इसके अलावा खरीदारी नहीं है। पिछले साल शादी ब्याह सहित त्योहारों पर 40 से 45 प्रतिशत बिक्री हुई थी, जो इस साल घटकर 25 प्रतिशत पर आ गई है।
कांसा, तांबा और चांदी के बर्तनों की मांग अधिक
कारोबारी बताते हैं कि स्टील के अलावा कांसा, तांबा और चांदी के बर्तनों की मांग धनतेरस और शादी ब्याह पर रहती है। इसके अलावा कांच और चीनी मिट्टी के बर्तनों की मांग भी पिछले कुछ सालों में बढ़ी है। शादी ब्याह के लिए होलसेल बाजार में डिनर सेट से लेकर बेटी को दिए जाने वाले बड़े सेट तो उपलब्ध है, जिस पर कई तरह के ऑफर भी कारोबारी दे रहे हैं, लेकिन खरीदार बाजार में काफी कम है। स्टील के बर्तनों की कीमतों की बात करें तो 400 रुपये से 500 रुपये प्रति किला, एल्युमिनियम 400 से 500 रुपये प्रति किलो, कांसा 1500 से 1600 रुपये प्रति किलो और तांबे का भाव 1300 से 1500 रुपये प्रति किलो के आसपास चल रहा है। वहीं चांदी का भाव 96,552 रुपये प्रति किलो पर चल रही है।