Odisha: 1 से 5 दिसंबर तक पर्यटकों के स्वागत को तैयार ओडिशा, कोणार्क व रेत कला महोत्सव से छुट्टियां बनेंगी खास
ODISHA KONARK FESTIVAL 2024: कोणार्क महोत्सव, हर साल ओडिशा के पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित किया जाता है। यह भारत के शास्त्रीय नृत्य के विभिन्न रूपों को सम्मान देने का एक प्रमुख कार्यक्रम है। इस बार भी ओडिशा 1 से 5 दिसंबर तक महोत्सव का आयोजन कर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
विस्तार
अपनी सुखद जलवायु, समृद्ध विरासत और आश्चर्यजनक समुद्र तट के लिए जाना जाने वाला ओडिशा सर्दियों में त्योहारों और आयोजन की एक शृंखला के साथ जीवंत हो उठता है। इस दौरान राज्य के अद्वितीय आकर्षण का प्रदर्शन किया जाता है। इस कड़ी में इस वर्ष 1 से 5 दिसंबर तक बहुप्रतीक्षित कोणार्क महोत्सव और अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव का आयोजन होना है। यह आगंतुकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है।
कोणार्क महोत्सव: कला और विरासत का उत्सव
कोणार्क महोत्सव, हर साल ओडिशा के पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित किया जाता है। यह भारत के शास्त्रीय नृत्य के विभिन्न रूपों को सम्मान देने का एक प्रमुख कार्यक्रम है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 13वीं शताब्दी के कोणार्क के सूर्य मंदिर की लुभावनी पृष्ठभूमि में आयोजित, यह पांच दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव देश भर के कलाकारों मंच प्रदान करते हुए राज्य की गहरी जड़ों वाली कलात्मक परंपराओं को उजागर करता है।
इस आयोजन के दौरान ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम शास्त्रीय नृत्य रूपों जैसे मंत्रमुग्ध कर देने प्रदर्शन होंगे। इनमें से हर एक प्रस्तुति भक्ति, प्रेम और पौराणिक कथाओं की कालातीत कहानियां कहती है। इस दौरान नरम सुनहरी रोशनी से जगमगाता खुला मंच, एक अलौकिक आकर्षण जोड़ेगा। इस बार कोणार्क महोत्सव का 35वें संस्करण का आयोजन हो रहा है और इसमें न केवल भारत भर से बल्कि अमेरिका से भी असाधारण कलाकार शामिल होंगे।
अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव: तटों पर उकेरी जाएगी रचनात्मकता
सूर्य मंदिर से बस कुछ ही दूरी पर, प्राचीन चंद्रभागा समुद्र तट अंतराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव वैश्विक रेत कलाकारों के लिए एक कैनवास की तरह है। पांच दिनों में, भारत और विदेश के मूर्तिकार विस्मयकारी रेत की मूर्तियां बनाते हैं जो संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों के विषयों को दर्शाती हैं।
इस आयोजन के जरिए न केवल रेत कला की सुंदरता का जश्न मनाया जाता है, बल्कि यह ओडिशा की आश्चर्यजनक समुद्र तट और समुद्री जैव विविधता की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। इस दौरान पर्यटक समुद्र तट पर टहल सकते हैं, इन जटिल कृतियों को देखकर आश्चर्यचकित हो सकते हैं और यहां तक कि मूर्तिकला में भी अपना हाथ आजमा सकते हैं।
कला और प्रकृति का संयोजन होगा इन आयोजनों के दौरान
कला और प्रकृति का संयोजन इस आयोजन को परिवारों, कला प्रेमियों और फोटोग्राफरों को देखने के लिए जरूरी बनाता है। इस बार यह अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव का 14वां संस्करण आयोजित हो रहा है। इस बार इस आयोजन में यूके, पुर्तगाल, मैक्सिको, रूस, जापान, स्पेन और श्रीलंका जैसे देशों के रेत कलाकारों के शामिल होने की अपेक्षा है। उनके साथ तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश आदि सहित विभिन्न भारतीय राज्यों के राष्ट्रीय स्तर के रेत कलाकार भी आयोजन में शामिल होंगे। इन अविश्वसनीय कलाकारों के साथ, ओडिशा भर से उभरती स्थानीय प्रतिभाएं भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगी।
ओडिशा की यात्रा के लिए शीतकालीन समय सबसे बेहतर
ओडिशा की यात्रा के लिए शीतकालीन समय सबसे बेहतर होता है। सर्दियों के महीने, विशेष रूप से नवंबर से फरवरी तक का समय ओडिशा की यात्रा के लिए आदर्श हैं। इस दौरान तापमान 15°C से 25°C के बीच रहने के कारण, मौसम दर्शनीय स्थलों की यात्रा, बाहरी गतिविधियों और आरामदायक सैर के लिए बिल्कुल उपयुक्त होता है। इसलिए अभी अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
ओडिशा पर्यटन यह सुनिश्चित करने की अतिरिक्त कोशिश कर रहा है कि कोणार्क महोत्सव और अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव सुरक्षित और आनंददायक रहे। अच्छी तरह से जुड़े परिवहन से लेकर लक्जरी और बजट-अनुकूल आवास तक, यात्रियों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए हर चीज की योजना बनाई गई है। चाहे आप संस्कृति प्रेमी हों, प्रकृति प्रेमी हों या रोमांच के शौकीन हों, सर्दियों के मौसम के दौरान ओडिशा का दौरा अनुभवों का एक आदर्श मिश्रण प्रदान करता है। ये त्योहार ओडिशा की जीवंत संस्कृति और आतिथ्य की एक अंतरंग झलक प्रदान करते हैं, जिससे यह आपके यात्रा कैलेंडर पर एक अविस्मरणीय गंतव्य बन जाता है।
1 से 5 दिसंबर तक अपनी तारीखें अभी से करें मार्क
1 से 5 दिसंबर तक अपनी तारीखें अभी से मार्क करें, अपने बैग पैक करें, और सर्दियों में ओडिशा की अविस्मरणीय यात्रा पर निकल पड़ें। रेत पर उकेरी गई यादों और आपके दिल में हमेशा नाचती रहने वाली कहानियों के लिए तैयार हो जाएं। टूर पैकेज और आवास की बुकिंग के लिए www.bookodisha.com पर जाएं।

कोणार्क महोत्सव कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं 2024
| तारीख | नृत्य शैली | प्रस्तुति |
| 01.12.2024 | ओडिसी | उत्कल संगीत महाविद्यालय, भुवनेश्वर |
| कथक | मालती श्याम, नई दिल्ली | |
| 02.12.2024 | मणिपुरी | प्रीति पटेल, कोलकाता |
| ओडिसी | शिंजन नृत्यालय (अलोका कानुंगो), कोलकाता | |
| 03.12.2024 | ओडिसी | दर्पणी (अर्णब बंद्योपाध्याय), कोलकाता |
| मोहिनीअट्टम | डॉ. सुनंदा नायर, अमेरिका | |
| 04.12.2024 | कुचिपुड़ी | दीपिका रेड्डी, हैदराबाद |
| ओडिसी | रुद्रक्ष फाउंडेशन (बिचित्रानंद स्वैन), भुवनेश्वर | |
| 05.12.2024 | ओडिसी | दीक्षा मंजरी (डोना गांगुली), कोलकाता |
| भरतनाट्यम | गीता चंद्रन, नई दिल्ली |