Odisha: सीएम पटनायक ने लोगों को सौंपी लोअर सुकटेल सिंचाई परियोजना, 203 गांवों के 75 हजार किसानों को मिलेगा लाभ
Odisha: लोअर सुकटेल सिंचाई परियोजना, अगले वर्ष वितरण प्रणाली के पूरा होने के बाद, 203 गांवों के लगभग 1.00 लाख एकड़ (40000 हेक्टेयर) भूमि की सिंचाई करेगी, जिससे लगभग 75,000 किसानों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना इसलिए एतिहासिक है क्योंकि बोलांगीर हमेशा ओडिशा का एक सुखाग्रस्त क्षेत्र रहा है।
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सिंचाई क्षेत्र में विकास और राज्य के किसानों को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को सूखाग्रस्त बलांगीर जिले में लोअर सुकटेल सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री पटनायक ने इस परियोजना को पेयजल सुविधाएं प्रदान करके किसानों और स्थानीय लोगों को लाभान्वित करने के लिए समर्पित किया। यह ओडिशा में कृषि समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। इससे और क्षेत्र में रहने वालों की की स्थिति में सुधार आएगी।
लोअर सुकटेल सिंचाई परियोजना, अगले वर्ष वितरण प्रणाली के पूरा होने के बाद, 203 गांवों के लगभग 1.00 लाख एकड़ (40000 हेक्टेयर) भूमि की सिंचाई करेगी, जिससे लगभग 75,000 किसानों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना इसलिए एतिहासिक है क्योंकि बोलांगीर हमेशा ओडिशा का एक सुखाग्रस्त क्षेत्र रहा है, जहां हर साल औसतन 110 सेमी वर्षा ही होती है। बोलांगीर में केवल 31 प्रतिशत भूमि सिंचित है। यह क्षेत्र गरीबी, सूखे और परेशान लोगों के प्रवास से ग्रस्त क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।
इस परियोजना के पूरा होने के साथ, बोलांगीर का अर्ध-शुष्क और सूखाग्रस्त जिला निकट भविष्य में, बरगढ़ और संबलपुर के आस-पास के जिलों के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा, ये क्षेत्र क्रमशः हीराकुंड बांध और कालाहांडी से ऊपरी इंद्रबती बांधों का लाभ उठा रहे हैं। सार्वजनिक आंदोलन और राजनीतिक विरोध जैसे कई कारणों से पिछले दो दशकों से अधिक समय से रुकी हुई यह परियोजना जिले के लिए एक गेम-चेंजिंग साबित होगी। इस परियोजना के शुरू होने से बोलांगीर नगर पालिका और पटनागढ़ एनएसी की पेयजल जरूरतों का अब ध्यान रखा जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र में उद्योग और पर्यटन का विकास होगा।
मुख्यमंत्री पटनायक ने साल 2019 में फैसला किया था कि इस परियोजना को 5 टी पहल के तहत शुरू किया जाएगा और स्मार्ट तकनीक व टीमवर्क के साथ इसके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी। 5टी के तहत एक सशक्त ओडिशा की कल्पना की गई है जहां गरीबी अतीत की बात होगी, जहां महिलाएं विकास में समान रूप से भागीदार होंगी। इसके साथ ही कमजोर वर्गों के लोगों और युवाओं के भी सपने सच होंगे।
कुछ अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचे के साथ मिलकर यह परियोजना 3.64 लाख एकड़ (1.47 लाख हेक्टेयर) क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा प्रदान करती करेगी। यह परियोजना नए ओडिशा को प्रतिबिंबित करती है। ओडिशा सरकार की ओर से कहा गया है कि इस परियोजना के सफल संचालन ने यह साबित किया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, उच्चतम स्तर पर निगरानी, संवेदनशील और कुशल प्रशासन व जन-समर्थक दृष्टिकोण से सपने को सच में बदला जा सकता है।