{"_id":"63e4852aa977fef7c206955f","slug":"nse-phone-tapping-delhi-high-court-grants-bail-to-chitra-ramkrishna-in-money-laundering-case-2023-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Phone Tapping Case: एनएसई फोन टैपिंग मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने चित्रा रामकृष्ण को जमानत दी, ये है मामला","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Phone Tapping Case: एनएसई फोन टैपिंग मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने चित्रा रामकृष्ण को जमानत दी, ये है मामला
Thu, 09 Feb 2023 11:21 AM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Thu, 09 Feb 2023 11:21 AM IST
सार
ईडी के अनुसार, फोन टैपिंग मामला 2009 से 2017 की अवधि से संबंधित है, जब एनएसई के पूर्व सीईओ रवि नारायण, रामकृष्ण, कार्यकारी उपाध्यक्ष रवि वाराणसी और प्रमुख (परिसर) महेश हल्दीपुर और अन्य ने एनएसई और उसके कर्मचारियों को धोखा देने की साजिश रची।
विज्ञापन
Chitra Ramkrishna, Former CEO and MD of NSE
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एनएसई फोन टैपिंग से जुड़े धनशोधन के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने चित्रा रामकृष्ण को जमानत दे दी है। उनपर मनी लाउंड्रिंग के आरोप थे। चित्रा रामकृष्ण कथित फोन टैपिंग मामले में सीबीआई मामले में पहले से ही जमानत पर हैं। विस्तृत आदेश का पालन करना है। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा कि आवेदक को जमानत दी जाती है। उन्होंने कहा, ''आवेदन स्वीकार किया जाता है।"
विज्ञापन
एनएसई की पूर्व प्रबंध निदेशक को पहले कथित एनएसई को-लोकेशन घोटाले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया गया था। इस मामले प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल 14 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया था। उच्च न्यायालय ने पिछले साल सितंबर में सीबीआई से जुड़े मामले में उन्हें जमानत दे दी थी।
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मौजूदा मामले में उनकी जमानत याचिका का इस आधार पर विरोध किया था कि वह साजिश के पीछे 'मास्टरमाइंड' हैं।
ईडी के अनुसार, फोन टैपिंग मामला 2009 से 2017 की अवधि से संबंधित है, जब एनएसई के पूर्व सीईओ रवि नारायण, रामकृष्ण, कार्यकारी उपाध्यक्ष रवि वाराणसी और प्रमुख (परिसर) महेश हल्दीपुर और अन्य ने एनएसई और उसके कर्मचारियों को धोखा देने की साजिश रची।
विज्ञापन