2023-24 में नोएडा एयरपोर्ट से सफर करेंगे लोग, फरवरी में प्रधानमंत्री रख सकते हैं नींव
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यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यात्रियों की संख्या और निर्माण कार्य के हिसाब से एयरपोर्ट के निर्माण को चार हिस्सों में बांटा गया है। पहला चरण 2023-24 में पूरा होगा। पहले साल करीब 1.20 करोड़ यात्रियों के सफर करने का आकलन है। इसे देखते हुए एक रनवे से सफर शुरू कर दिया जाएगा। इसका दूसरा हिस्सा 2031-32, तीसरा हिस्सा 2036-37 और चौथा हिस्सा 2040-50 के बीच बनेगा। सीईओ ने बताया कि 2031-32 में यात्रियों की संख्या लगभग तीन करोड़ सालाना होगी।
इसी तरह 2036-37 में यात्रियों की संख्या पांच करोड़ और 2040 से 50 के बीच सात करोड़ यात्रियों के सफर करने का आकलन है। इस एयरपोर्ट को बनाने के लिए जिस कंपनी का चयन होगा वह जरूरत के हिसाब से दो रनवे और टर्मिनल का निर्माण करेगी। उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट में दो रनवे से 2050 तक की जरूरत को पूरा होने का आकलन है। अगर इस दौरान यात्रियों की संख्या आकलन से अधिक होती है तो तीसरे और चौथे रनवे का निर्माण किया जाएगा।
कार्गो व एमआरओ से फलेंगे उद्योग-व्यवसाय
जेवर में एयरपोर्ट में बनने से इस इलाके में ही नहीं, बल्कि आसपास के 40 जिलों की सूरत बदलेगी। एयरपोर्ट के साथ-साथ यहां विमानों के मेंटेनेंस रिपेयर एंड ओवरहालिंग (एमआरओ) और कार्गो हब बनेगा। यहां पर लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि इस एयरपोर्ट के बनने से जेवर ही नहीं, आसपास के 40 जिलों की सूरत बदलेगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो सीधे लोगों को एयरपोर्ट में नौकरियां भी मिलेंगी।एयरपोर्ट के अलावा यहां कई और गतिविधियां भी होंगी। अभी तक देश में केवल हैदराबाद व नागपुर में विमानों के मेंटेनेंस का काम होता है। वह भी बड़े छोटे स्तर पर। बाकी काम विदेशों में कराना पड़ता है। इस एयरपोर्ट में मेंटेनेंस हब भी विकसित किया जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट से सफर के साथ कार्गो सेवा शुरू होगी।
दिल्ली एयरपोर्ट से एनसीआर और आसपास के शहरों में बनने वाले औद्योगिक उत्पाद यूरोप, मध्य पूर्व एशिया, दक्षिण एशिया, पूर्व एशिया, चीन और अमेरिका को भेजे जाते हैं। एनसीआर में गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद से 51 फीसदी उत्पाद इन देशों को जाते हैं। टीईएफआर रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में बढ़कर 556 फीसदी हो जाएगा।
15 किलोमीटर के दायरे में होगी सिटी साइट डेवलपमेंट
यमुना प्राधिकरण एयरपोर्ट के 15 किलोमीटर के क्षेत्र में 1500 हेक्टेयर एक शहर बसाएगा। इसके लिए एक कंपनी अध्ययन कर रही है। यह शहर यूरोपीय शहरों की तरह बसाया जाएगा। इसे सिटी साइट डेवलपमेंट नाम दिया गया है। इसमें ऑफिस, बाजार और घर सब कुछ रहेंगे, ताकि लोग वहीं पर नौकरी करें और वहीं पर खरीदारी। इससे क्लीन और ग्रीन सिटी का दर्जा दिया जाएगा।प्रधानमंत्री रख सकते हैं नींव
देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट की नींव रखने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ सकते हैं। स्विस कंपनी ज्यूरिख को निर्माण करने का पत्र सौंपने में एक माह लगेगा। इसके बाद कंपनी अपनी तैयारी के साथ दो माह में काम शुरू करेगी। इस हिसाब से फरवरी में इसकी नींव रखी जा सकती है, जिसमें प्रधानमंत्री के आने के कयास लगाए जा रहे हैं।कब क्या हुआ
- 6 जुलाई 2017 : हवाई अड्डे के लिए निर्माण साइट की अनुमति मिली।
- 5 अक्टूबर 2017 : गृह मंत्रालय ने एनओसी दी।
- 29 दिसंबर 2017 : यमुना प्राधिकरण ने सलाहकार कंपनी का चयन किया।
- 11 जनवरी 2018- रक्षा मंत्रालय ने एनओसी दी।
- 15 अप्रैल 2018 : सलाहकार कंपनी ने टीईएफआर सौंप दी।
- 23 अप्रैल 2018 : नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।
- 09 मई 2018 - नागर विमानन मंत्रालय ने इन प्रिंसिपल अप्रूवल दिया।
- 30 मई 2019 - एयरपोर्ट के लिए ग्लोबल टेंडर निकाले गए।
- 06 नवंबर 2019- एयरपोर्ट की तकनीकी निविदा खोली गई।
- 29 नवंबर 2019- नोएडा एयरपोर्ट की वित्तीय निविदा खोली गई।
छह गांवों की 1334 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा एयरपोर्ट
नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण में 1334 हेक्टेयर जमीन लगेगी। इसमें छह गांवों (दयानतपुर, रोही, पारोही, किशोरपुर, रन्हेरा व बनवारीवास) के किसानों की 1239.141 हेक्टेयर जमीन है। बाकी जमीन सरकारी है। इसमें से 998.1307 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा लिया जा चुका है। जबकि कुल 1028.55 हेक्टेयर जमीन का मुआवजा बांटा जा चुका है। अब तक 3167 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा गया है।वित्तीय निविदा में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी कंपनी ने 400.97 रुपये प्रति यात्री राजस्व देने के प्रस्ताव के साथ बाजी मार ली। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने 360 रुपये, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने 351 रुपये और एनकोर्ज इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड ने 205 रुपये प्रति यात्री राजस्व देने का प्रस्ताव किया। बता दें कि देश में पहली बार किसी एयरपोर्ट के निर्माण का टेंडर प्रति यात्री लाभांश के आधार पर निकाला गया है।
खास होगा एयरपोर्ट
- 5000 हेक्टेयर एरिया में होगा नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण
- 29,560 करोड़ रुपये आएगी इसके निर्माण पर लागत
- 06 से 08 रनवे होंगे एयरपोर्ट के पूरी तरह निर्माण के बाद
- 01 नंबर पर होगा देश में रनवे की संख्या के हिसाब से
- 04 चरण में किया जाएगा नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण पूरा
- 1334 हेक्टेयर एरिया में 4588 करोड़ रुपये से बनेगा पहला चरण
- 2023 में पहला चरण पूरा कर उड़ान संचालित करने की योजना
- 85 फीसदी जमीन का अधिग्रहण किसानों से हो चुका है पूरा
- 03 एयरपोर्ट हो जाएंगे दिल्ली-एनसीआर में निर्माण पूरा होते ही
- 02 जगह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल व हिंडन एयरपोर्ट से उड़ते हैं अभी विमान
अब वित्तीय निविदा का परिणाम दो दिसंबर को पीएमआईसी (प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड इंप्लीमेंटशन कमेटी) की बैठक में रखा जाएगा। यहां से मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव प्रदेश कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। वहां से मुहर लगते ही कंपनी को यह काम आवंटित कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में एक माह लग जाएंगे। उसके बाद दो माह में कंपनी काम शुरू कर सकती है।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, नियाल
जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निविदा में सबसे आगे रहने की खुशी है। यहां बहुत संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास, यातायात के अच्छे विकल्प हैं। यहां का अनुभव अच्छा रहेगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को जल्द ही 5 लाख करोड़ के पार ले जाने की बात कही है। इसलिए सबकुछ अच्छा रहेगा। यहां की सर्वे रिपोर्ट भी बेहतर आई हैं।
- डेनियन बर्चर, सीईओ, ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशल एजी