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निवेश मंत्रा: म्यूचुअल फंड बन रहा घरेलू बचत का पसंदीदा साधन, पढ़ें पूरी स्पेशल रिपोर्ट

Mon, 27 Nov 2023 06:18 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 27 Nov 2023 06:18 AM IST
सार

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 में म्यूचुअल फंडों में कुल निवेश 64,000 करोड़ रुपये आया था। 2022 में यह बढ़कर 1.60 लाख करोड़ और 2023 में यह 1.79 लाख करोड़ रुपये हो गया। वित्तीय बचत में घरेलू बचत का हिस्सा भी इसी तरह से वित्त वर्ष 2021 में 7.6 फीसदी था।

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Nivesh Mantra Mutual funds are becoming the preferred means of domestic savings
Investment - फोटो : Istock

विस्तार

हाल के समय में बाजार की तेजी से घरेलू बचत का हिस्सा अब बैंकों के जमा के बजाय म्यूचुअल फंडों में जा रहा है। निवेशक अब इक्विटी फंड में पैसे लगा रहे हैं। इस पर उनको अच्छा रिटर्न मिल रहा है। इस बदलाव और आकर्षण का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट...

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बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 में म्यूचुअल फंडों में कुल निवेश 64,000 करोड़ रुपये आया था। 2022 में यह बढ़कर 1.60 लाख करोड़ और 2023 में यह 1.79 लाख करोड़ रुपये हो गया। वित्तीय बचत में घरेलू बचत का हिस्सा भी इसी तरह से वित्त वर्ष 2021 में 7.6 फीसदी था। 2022 में यह बढ़कर 8.5 फीसदी और 2023 में यह 8.4 फीसदी पर रहा। चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीने (अप्रैल से अक्तूबर) में म्यूचुअल फंड में निवेशकों के निवेश का मूल्य यानी एयूएम बढ़कर 46.72 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह इसलिए क्योंकि घरेलू बचत का हिस्सा अब म्यूचुअल फंड में आ रहा है।

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इक्विटी योजनाओं में आ रहा है पैसा
अप्रैल से अक्तूबर के बीच इक्विटी और वृद्धि केंद्रित योजनाओं का म्यूचुअल फंड में सर्वाधिक हिस्सा रहा है। डेट स्कीम का मार्च, 2022 तक 34% हिस्सा था जो अक्तूबर तक घटकर 29% पर आ गया। इक्विटी और वृद्धि योजनाओं का हिस्सा 36.3% बढ़कर 40.2 फीसदी पर पहुंच गया। इसका मतलब निवेशक इक्विटी फंड में तेजी से पैसा लगा रहे हैं। इस वित्त वर्ष में तीन नवंबर तक बैंक जमा की वृद्धि दर 8.5 फीसदी रही, जबकि म्यूचुअल फंड की वृद्धि दर 18.5 फीसदी रही। इसमें भी इक्विटी की वृद्धि दर 23.9 फीसदी रही है।
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मल्टी एसेट फंड दे रहा बेहतर रिटर्न
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड एक ऐसा साधन है जो 100 रुपये के निवेश को कई क्षेत्रों में फैलाता है। यानी यह लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करने के साथ ही सोना और अन्य साधनों में भी निवेश करता है। इसका मकसद यह है कि एक साधन में घाटा है तो दूसरा उससे बचाता है। सोना एक सुरक्षित निवेश है वहीं डेट और एक्सचेंज ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव्स/ गोल्ड ईटीएफ रिट और इनविट्स में भी निवेश किया जाता है। लंबी अवधि में रिटर्न उत्पन्न करने के प्रयास में इस फंड की निवेश रणनीति एक बेहतरीन रिटर्न देती है। यह फंड अपनी संपत्ति का कम से कम 10 फीसदी तीन या अधिक परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करता है।


नीरज जोशी, संस्थापक, एमएचएल मल्टीप्लायर का कहना है कि म्यूचुअल फंड के मल्टी एसेट एलोकेशन में निवेशकों का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। यह ऐसी स्कीम है जिसने बाजार के हर चक्र व अन्य परिसंपत्तियों में निवेश कर अच्छा रिटर्न दिया है।

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