फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Niti Aayog ease lending money to small entrepreneurs for exports

निर्यात से जुड़े लघु उद्यमियों को आसानी से कर्ज दिलाएगा नीति आयोग

Sat, 11 May 2019 04:32 AM IST
गौरव द्विवेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Sat, 11 May 2019 04:32 AM IST
सार

  • वाणिज्य मंत्रालय ने एक्सपोर्ट क्रेडिट मिलने में देरी के समाधान पर दिया जोर
  • 45 फीसदी घट गया था पिछले साल निर्यातकों को मिलने वाले कर्ज
  • 1560 करोड़ रुपये का ही कर्ज मिला निर्यातकों को 2018-19 में

विज्ञापन
Niti Aayog ease lending money to small entrepreneurs for exports
नीति आयोग (फाइल फोटो)

विस्तार

निर्यात से जुड़े लाखों लघु उद्यमियों को आसानी से कर्ज दिलाने के लिए नीति आयोग बड़ी तैयारी कर रहा है। समस्या के समाधान के लिए आयोग ने पिछले दिनों बैठक बुलाई थी, जिसमें वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ-साथ निर्यातकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्यातकों को एक्सपोर्ट क्रेडिट समय पर नहीं मिलने की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। 

विज्ञापन


कई निर्यातकों और उनके संगठनों ने इस बाबत अपनी समस्याएं बताई हैं। इसके समाधान के लिए वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक से बात चल रही है। ट्रेड प्रोमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मोहित सिंगला का कहना है कि 2018-19 में भले ही रिकॉर्ड 331 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, लेकिन आयात में भी नौ फीसदी इजाफे से भारत का व्यापार घाटा 176 अरब डॉलर पहुंच गया है जो सर्वाधिक है। यदि व्यापार घाटे को कम करना है तो निर्यात बढ़ाने के हर विकल्प पर अमल करना होगा।
विज्ञापन


पिछले साल आधा हो गया था कर्ज

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में निर्यातकों को कुल 4,250 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट क्रेडिट मिला था जो वर्ष 2017-18 में घटकर 2,830 करोड़ रुपये रह गया। यह 33.40 फीसदी की कटौती थी, जो 2018-19 में बढ़कर 45 हो गई और इस दौरान महज 1560 करोड़ रुपये का कर्ज निर्यातकों को मिला। यह गिरावट इसलिए चिंता बढ़ाती है, क्योंकि एक्सपोर्ट क्रेडिट सरकार की प्रायोरिटी लैंडिंग में आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैंक दिखाते हैं एनपीए का हौवा

एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस समय बैंकिंग क्षेत्र पर लाखों करोड़ के फंसे कर्ज (एनपीए) का बोझ है। ऊपर से यदि बिना वित्तीय स्थिति का आकलन किए सबको लोन दिया जाए तो स्थिति और भयावह होगी। इसलिए लोन देने के मामले में काफी सोच-समझ कर निर्णय लिया जा रहा है, जिसका असर निर्यातकों पर भी पड़ रहा।


लघु उद्यमियों पर ज्यादा असर

फेडरेशन ऑफ इंडियन स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (फिस्मे) के महासचिव अनिल भारद्वाज का कहना है कि एक्सपोर्ट क्रेडिट में 45 फीसदी की कमी खतरनाक संकेत है। निर्यात में होने वाली बढ़ोतरी बड़ी कंपनियों की है और लघु उद्यमियों की हालत खराब है। रिलायंस बाहर से कच्चा तेल लाता है और जामनगर में रिफाइन कर बाहर भेज देता है। निर्यात में उसी की ज्यादा हिस्सेदारी है। लघु उद्यमियों को जब काम करने के लिए लोन ही नहीं मिल रहा तो वह निर्यात कहां से करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed