2020 तक बेकार हो जाएंगे डेबिट कार्ड और एटीएम
नोटबंदी के बाद डिजिटल टेक्नोलॉजी के प्रयोग को सरकार द्वारा बढ़ावा दिए जाने के कारण ऐसा संभव हो सकेगा। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने यहां शुरू हुए तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय दिवस में यह बात कही।
अंगूठे से तीस सेकंड में होगा लेन-देन
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दास ने कहा कि अगले कुछ साल में लोग केवल अपने आधार नंबर और BHIM (Bharat interface for Money) ऐप की मदद से मात्र 30 सेकंड में सभी तरह के वित्तीय लेन-देन कर सकेंगे।
भारत अभी पूरे विश्व में वित्तीय प्रौद्योगिकी (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी) और सामाजिक नवोन्मेष (सोशल इनोवेशन) में काफी उठापटक कर रहा है। इन क्षेत्रों में यहां काफी कुछ नई चीजें हो रही हैं और यही उठापटक भारत को काफी आगे ले जाएगी।
दास ने आगे कहा कि, मेरे हिसाब से 2020 तक भारत में सभी तरह के एटीएम मशीन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और पीओएस मशीन पूरी तरह से बेकार हो जाएंगे। सरकार डिजिटल तरीकों से भुगतान को काफी आगे बढ़ा रही है और इसमें कई सारे नई तरीकों का इस्तेमाल हो रहा है जिससे देश के अंदर उठापठक बनी हुई है।
बायोमेट्रिक डाटा का पूरा बैकएंड तैयार
BHIM ऐप में अंगूठे की मदद से कुछ सेकंड में लेनदेन हो सकेगा। भारत में व्यापक तौर पर नकदी से चलने वाली अर्थव्यवस्था रही है, लेकिन अब यहां लगभग एक अरब के करीब मोबाइल ग्राहक हैं और इतने ही बायोमेट्रिक भी हैं।
औपचारिक अर्थव्यवस्था बनाने की जरूरत
कांत ने कहा कि देश में अभी केवल दो से ढाई फीसदी लोग ही टैक्स का भुगतान करते रहे हैं। नोटबंदी के बाद सरकार ने डिजिटल भुगतान को काफी आगे बढ़ा रही है, इसलिए देश को अनौपचारिक से औपचारिक अर्थव्यवस्था बनाने का समय आ गया है।
भारत को 10 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाना मुश्किल है, लेकिन दो ट्रिलियन अर्थव्यवस्था एक औपचारिक अर्थव्यवस्था है और एक ट्रिलियन की ब्लैक इकोनॉमी है। सरकार इसी को बदलने के प्रयास में लगी है।