फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   nirmala sitharaman says that government will give gst compensation cess to states

जीएसटी मुआवजे के वादे से पीछे नहीं हटेगी सरकार, राज्यों को दिया भरोसा: सीतारमण

Mon, 16 Dec 2019 06:20 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 16 Dec 2019 06:20 PM IST
विज्ञापन
nirmala sitharaman says that government will give gst compensation cess to states

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को राज्यों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार जीएसटी मुआवजे के अपने वादे से ‘पीछे नहीं हटेगी।’ उन्होंने कहा कि धनराशि देने में देरी की मुख्य वजह संग्रह में कमी है और राज्यों को इसको लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है।

विज्ञापन


वित्त मंत्री की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्य जल्द से जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘यह निश्चित रूप से उनका अधिकार है, मैं इससे इनकार नहीं कर रही हूं। मैं यह भी स्पष्ट कर रही हूं कि हम इससे पीछे नहीं हट रहे हैं। राज्यों को मुआवजा दिया जाएगा।’
विज्ञापन


एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा, ‘मैं मानती हूं कि पिछले दो महीने से मुआवजा नहीं दिया गया है।’ अप्रत्यक्ष कर से जुड़े फैसले लेने वाली सबसे सशक्त संस्था जीएसटी परिषद की बैठक 18 दिसंबर को होने जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

डाटा की विश्वसनीयता सुधारने पर हो रहा काम

एक तरह जहां कई मैक्रो इकोनॉमिक डाटा की गणना के तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं वित्त मंत्री ने कहा सरकार डाटा की विश्वसनीयता सुधारने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), महंगाई और रोजगार सहित कई पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। सरकार पर डाटा की गणना के गलत तरीके अपनाने के आरोप लगने के कई महीनों के बाद उनकी यह टिप्पणी आई है। इस साल की शुरुआत में 100 से ज्यादा अर्थशास्त्रियों के एक समूह ने सार्वजनिक रूप से पत्र जारी करके ऐसी प्रवृत्तियों पर सवाल उठाए थे।

जीएसटी का असर दिखने में लगेगा वक्त: बिबेक देबरॉय

आर्थिक विकास पर जीएसटी का असर दिखने में अभी वक्त लगेगा और इसके नतीजे रातोंरात नजर नहीं आएंगे। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन बिबेक देबरॉय ने सोमवार को यह बात कही।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर अभी काम जारी होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब इसे पेश किया गया था तो लोगों ने कहा था कि नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली से जीडीपी विकास दर में 1.5 से 2 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। 



उन्होंने कहा, ‘हकीकत में नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) ने आदर्श जीएसटी के वास्ते नौवें वित्त आयोग के लिए यह अनुमान दिया था। इस पर काम जारी है और इसमें 20 साल लग सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि जीडीपी विकास दर रातोंरात 1.5 से 2 फीसदी (अतिरिक्त) बढ़ने जा रही है।’ भारत की जीडीपी विकास दर सितंबर तिमाही में घटकर 4.5 फीसदी रह गई थी। वहीं जीएसटी के अंतर्गत कर संग्रह भी लक्ष्य से कम ही रहा है। अक्तूबर में जीएसटी संग्रह 5.29 फीसदी घटकर 95,380 करोड़ रुपये रह गया, जबकि बीते साल समान महीने में यह लगभग 1 लाख करोड़ रुपये रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed