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रिकॉर्ड बिक्री: भीषण गर्मी से तीन माह में ही एसी उद्योग में 50% वृद्धि; हवाई मार्ग से मंगाने पड़ रहे पुर्जे
Thu, 20 Jun 2024 05:32 AM IST
शिव शरण शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 20 Jun 2024 05:32 AM IST
सार
मजबूत मांग के बीच तांबे व एल्युमीनियम जैसी धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुछ कंपनियों ने एसी के दाम चार-पांच फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। गोदरेज अप्लायंसेस बिजनेस के प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, तांबे और एल्युमीनियम की कीमतों में 20 फीसदी की तेजी आई है।
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AC
- फोटो : Freepik
विस्तार
देश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी के कारण एयर कंडीशनर (एसी) की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मांग में आई तेजी को पूरा करने के लिए एसी निर्माता कंपनियों को कम्प्रेसर, क्रॉस फ्लो पंखे/मोटर और पीसीबी सर्किट जैसे कलपुर्जे विदेश से हवाई मार्ग से मंगाने पड़ रहे हैं।
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डाइकिन एयरकंडिशनिंग इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) कंवलजीत जावा ने कहा, भीषण गर्मी के कारण पिछले तीन महीनों में घरेलू एसी उद्योग में करीब 50 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। यह उम्मीद से कहीं अधिक है। यह उद्योग के लिए निश्चित रूप से बहुत ही उत्साहपूर्ण स्थिति है। हालांकि, एसी की बढ़ी मांग की तुलना में कंपनियों को कलपुर्जों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
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जावा ने कहा, इस कमी को पूरा करने के साथ अपनी उत्पादन और आपूर्ति शृंखला को बरकरार रखने के लिए एसी निर्माता कंपनियों को चीन, ताइवान, थाईलैंड, जापान और मलयेशिया जैसे देशों के वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से कलपुर्जों को आपातकालीन स्थिति में हवाई मार्ग से मंगाना पड़ रहा है। पारंपरिक समुद्री मार्ग से माल ढुलाई में आमतौर पर अधिक समय लगता है।
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कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं एप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीईएएमए) का अनुमान है कि भीषण गर्मी के कारण इस साल एसी की बिक्री 1.4 करोड़ इकाई के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। संगठन के अध्यक्ष सुनील वाचानी ने कहा, बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं ने अब शहरी क्षेत्रों में घरेलू एसी को अनिवार्य जरूरत बना दिया है। भारतीय रिहायशी एयर कंडीशनर की बिक्री बढ़कर करीब एक से 1.11 करोड़ इकाई तक पहुंचने की उम्मीद है।
पांच फीसदी तक बढ़े दाम
मजबूत मांग के बीच तांबे व एल्युमीनियम जैसी धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुछ कंपनियों ने एसी के दाम चार-पांच फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। गोदरेज अप्लायंसेस बिजनेस के प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, तांबे और एल्युमीनियम की कीमतों में 20 फीसदी की तेजी आई है।
सिर्फ तीन महीने में ही बिक गए एक साल जितने एसी
ब्लू स्टार के प्रबंध निदेशक बी त्यागराजन ने कहा, उद्योग 25-30 फीसदी तक की वृद्धि के लिए तैयार है। किसी ने भी मांग में 70-80 फीसदी वृद्धि की उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कहा, जितना एसी एक साल में बिकता है, इस सीजन में उतनी बिक्री तीन महीने में ही हो गई। एसी की बिक्री में मार्च में 40 फीसदी, अप्रैल में 80 फीसदी और मई में 70 फीसदी की वृद्धि रही। जून में इसमें और 70 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इस वृद्धि को देखते हुए कंपनियां अधिक-से-अधिक उत्पादन की कोशिश कर रही हैं और कलपुर्जों का हवाई मार्ग से आयात कर रही हैं।
इंस्टॉलेशन में अधिक समय
एसी कंपनियों ने कहा, उद्योग के पास ऐसे कलपुर्जों का पर्याप्त भंडार नहीं है क्योंकि भारत में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत एक पारिस्थितिकी तंत्र अब भी बनने की प्रक्रिया में है। इसका असर एसी उत्पादन पर पड़ रहा है। मांग के अनुरूप स्टॉक नहीं होने के कारण कई स्थानों पर एसी इंस्टॉलेशन में एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग रहा है।